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शुक्रवार, 15 जुलाई 2022

केसीआर ने विपक्षी नेताओं से की बातचीत

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नयी दिल्ली 15 जुलाई, एक ओर तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी ब्लॉक में खुद को स्थापित करने के लिए काम कर रही है वहीं तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने आम आदमी पार्टी(आप), तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), द्रमुक, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और अन्य दलों के नेताओं सहित कई विपक्षी नेताओं के साथ बातचीत की है। केसीआर ने संसद के आगामी सत्र को लेकर निर्देश देने के लिए शुक्रवार दोपहर एक बजे टीआरएस सांसदों की बैठक भी बुलाई। सूत्रों ने कहा कि केसीआर ने आज सुबह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री एवं आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल से बात की। उन्होंने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और द्रमुक प्रमुख एमके स्टालिन, राजद नेता तेजस्वी यादव और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता शरद पवार के साथ भी टेलीफोन पर बातचीत की है। टीआरएस के सूत्रों के मुताबिक विभिन्न राज्यों के नेता, मुख्यमंत्री और मुख्य विपक्षी दलों के नेता केसीआर के भाजपा के खिलाफ लोकतांत्रिक लड़ाई शुरू करने के प्रस्ताव पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दे रहे हैं।” पार्टी नेता ने कहा, “मुख्यमंत्री लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए और केंद्र की गर्दन झुकाने के लिए विपक्षी नेताओं के साथ समन्वय में व्यस्त हैं। केसीआर देश को केंद्र सरकार की अलोकतांत्रिक नीतियों से बचाने की कोशिश कर रहे हैं।” पार्टी सूत्रों के मुताबिक केसीआर शुक्रवार को हैदराबाद के प्रगति भवन में राज्यसभा और लोकसभा दोनों के टीआरएस सांसदों से मुलाकात करेंगे और टीआरएस द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रियाओं पर निर्देश देंगे। सूत्रों ने कहा कि टीआरएस सांसद केंद्र सरकार द्वारा तेलंगाना सरकार के खिलाफ अपनाई गई ‘जनविरोधी’ नीतियों के खिलाफ दोनों सदनों में विरोध प्रदर्शन करेंगे। टीआरएस सांसद किसानों से जुड़े मुद्दों को उठाएंगे क्योंकि केंद्र ने राज्य में किसानों को उनके अनाज की खरीद नहीं करके मुश्किलों में डाल दिया है। आर्थिक स्थिति, रुपये का अवमूल्यन और सांप्रदायिक तनाव कुछ अन्य प्रमुख मुद्दे हैं जिन्हें पार्टी सांसदों द्वारा उठाए जाने की संभावना है। एक सूत्र ने कहा,“केंद्र द्वारा अपनाई जा रही जनविरोधी नीतियों के खिलाफ टीआरएस पार्टी की लड़ाई के हिस्से के रूप में, सीएम ने कहा कि केंद्र को अन्य राज्यों के विपक्षी सांसदों को शामिल करके लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा करनी चाहिए।” गौरतलब है कि संसद का मानसून सत्र 18 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त को समाप्त होगा।

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