तुष्टीकरण की बजाय तृप्तीकरण के लिए काम करे भाजपा : मोदी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा I ह्रदय राखि कौसलपुर राजा II, हरिजन जानि प्रीति अति गाढ़ी। सजल नयन पुलकावलि बाढ़ी॥, मंगल भवन अमंगल हारी I द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी II, हरि अनंत हरि कथा अनंता I कहहि सुनहि बहुबिधि सब संता II, दीन दयाल बिरिदु संभारी । हरहु नाथ मम संकट भारी।I, माता पिता की सेवा करें....बुजुर्गों का ख्याल रखें...अपनी प्रतिभा और आचरण से देश का नाम रौशन करें...

रविवार, 3 जुलाई 2022

तुष्टीकरण की बजाय तृप्तीकरण के लिए काम करे भाजपा : मोदी

bjp-should-work-for-gratification-instead-of-appeasement-modi
हैदराबाद 03 जुलाई, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का आज आह्वान किया कि वह सबका साथ सबका विकास सबका विश्वास के मंत्र पर चलते हुए तुष्टीकरण की बजाय तृप्तीकरण के लिए काम करें तभी एक भारत श्रेष्ठ भारत का सपना साकार होगा। श्री मोदी ने भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की तीन दिन तक चली बैठक के समापन सत्र में मार्गदर्शन करते हुए यह आह्वान किया। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं को श्री मोदी के संबोधन की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज बहुत ही विस्तार से भाजपा के लिए अवसर, भाजपा के इतिहास और विकास की यात्रा, भाजपा का भविष्य और देश के प्रति हमारा दायित्व क्या है, इसके विषय में विस्तार से कहा। उन्होंने तेलंगाना के भाजपा कार्यकर्ताओं का अभिनंदन किया और कहा कि हैदराबाद हमारे लिए भाग्यनगर है। हैदराबाद में सरदार पटेल ने एक भारत की नींव रखी थी, जिसको तोड़ने का बहुत प्रयास होता था। अब भाजपा के कंधों पर एक भारत से श्रेष्ठ भारत की यात्रा को पूरा करने का दायित्व है। श्री प्रसाद ने कहा कि श्री मोदी ने कहा कि आज जब हम तेलंगाना में है तो भाजपा बहुत जगह आगे बढ़ी है। भाजपा को उसके काम, उसके सुशासन और ईमानदारी के कारण जनता का बहुत आशीर्वाद मिलता है। लेकिन बहुत से ऐसे प्रदेश हैं, जहां अभी भी संघर्ष जारी हैं। कार्यकर्ता वहां बिना सत्ता की परवाह करते हुए संघर्ष और बलिदान करते हैं। इस दिशा में उन्होंने केरल, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल की बात की। उन्होंने कहा कि हमारी सोच लोकतांत्रिक है। तभी सरदार पटेल कांग्रेस के नेता थे, लेकिन उनकी विश्व की सबसे बड़ी प्रतिमा स्टेच्यू ऑफ यूनिटी हमने बनवाई। हमारी सोच लोकतांत्रिक है, इसीलिए जब हमने प्रधानमंत्री म्यूजियम बनाया तो देश के सारे प्रधानमंत्रियों को उसमें स्थान दिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि आजकल कईं राजनीतिक दल अपने अस्तित्व को बचाने में लगे हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें उसपर न तो हास्य करना है और न व्यंग्य करना है। हमें सीखना है कि हम कोई ऐसा काम न करें जो उन्होंने किया। विविधता की शक्ति के साथ हम अपने संगठन के संकल्प को देश में विस्तारित करें। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं को याद दिलाया कि उनके राजनीतिक जीवन में सेवा, संतुलन, समन्वय एवं संवाद होना चाहिए। ये कार्यकर्ताओं के गुण हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने दो बातें बहुत रोचक कही। पहली - हमारा उद्देश्य पी2 से जी2 का होना चाहिए अर्थात जनता सापेक्ष, सुशासन सापेक्ष हमारी पूरी कार्य पद्धति होनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने दूसरी बात कही कि हमारी सोच होनी चाहिए तुष्टिकरण से तृप्तिकरण और ये जब हम करेंगे तभी हमारे जो लक्ष्य हैं एक भारत श्रेष्ठ भारत और सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास पूरे हो पाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत के राजनीतिक दृष्टिकोण से यह बहुत बड़ी सोच है कि चुनींदा विकास की जगह सबको समान रूप से विकास के अवसर देना। कोविड वैक्सीन के 200 करोड़ खुराक निशुल्क देना और 25 करोड़ खुराकें विदेशों में भेजना। दुनिया की अर्थव्यवस्था कोरोना काल में हिल गयी और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला गड़बड़ा गयी। लेकिन भारत की अर्थव्यवस्था 8.2 प्रतिशत से अधिक की दर से प्रगति कर रही है। विदेशी निवेश हो या विदेशी मुद्रा भंडार दोनों रिकॉर्ड स्तर पर है। गरीबों की संख्या में कमी आयी है। श्री प्रसाद के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि वैैक्सीन बनाना और ऑक्सीजन बनाना पैसे से नहीं, संकल्प शक्ति से होता है। जब हम तृप्तिकरण की बात करते हैं तो हमें किसी को छोड़ना नहीं है। हमारा उद्देश्य है - सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय। जब इसकी बात करते हैं तो शाश्वत भारत जागता है। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश अब परिवारवाद और परिवादी राजनीतिक दलों से ऊब चुका है। ऐसे दलों के लिए टिक पाना मुश्किल है। हमें युवा पीढ़ी को आगे लाना चाहिए, उन्हें प्रोत्साहित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री ने कहा कि लोकतांत्रिक परंपराओं को लेकर आज जो लोग हमारी आलोचना करते हैं उन्हें देखना चाहिए कि उनका अपना हाल क्या है। उन्होंने पूछा कि कांग्रेस ने आज़ादी की लड़ाई की अगुवाई की थी तो वह आज़ादी का अमृत महोत्सव क्यों नहीं मनाती है। क्या आज़ादी की 75 वर्षगांठ केवल भाजपा या मोदी की है। उन्होंने कहा कि हमारी प्रतिबद्धता भारत काे दुनिया की बड़ी ताकत बनाना है। श्री प्रसाद के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी माताएं बहनें पूरे देश में हमें बहुत आशीर्वाद दे रही हैं। तो हमारा फर्ज बनता है कि जैसे उज्ज्वला योजना और ट्रिपल तलाक से लेकर दर्जनों कार्यक्रम उनके लिए किए हैं। हमारी ये प्रतिबद्धता उनके लिए हमेशा रहना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें देश को बताना चाहिए कि आज पहली बार एक आदिवासी, योग्य महिला भारत की राष्ट्रपति बनने जा रही है। जो आजादी के 75 साल में आज तक नहीं हुआ था। उन्होंने संघर्ष के लिए पढ़ाई छोड़ी लेकिन समाजसेवा का भाव नहीं छोड़ा। उनका आचरण ऐसा गरिमामय होगा कि देशवासी गर्व करेंगे। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति चुनाव में विधायकों एवं सांसदों से सावधानी पूर्वक एवं निश्चित रूप से मतदान करने की अपील की। उन्होंने कहा कि श्रीमती मुर्मू की ऐतिहासिक जीत होने वाली है। श्री प्रसाद ने बताया कि तेलंगाना में हुई राष्ट्रीय कार्यकारिणी इस मायने में खास रही कि यहां पार्टी के प्रमुख कार्यकर्ताओं को दो दिन पहले बुलाया गया था और राज्य के 119 विधानसभा क्षेत्रों में प्रवास के लिए भेजा गया। वह स्वयं वारंगल गये थे और यह अनुभव बहुत ही अद्भुत रहा। आगे से यह परंपरा हर राज्य में होगी। प्रधानमंत्री ने स्नेह यात्रा को भी जारी रखने पर बल दिया। भाजपा राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सभी राष्ट्रीय पदाधिकारियों, प्रभारियों, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री, केन्द्रीय मंत्रिमंडल के सदस्य, प्रदेश अध्यक्ष, संगठन महामंत्री समेत कुल 340 सदस्यों ने भाग लिया। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह, केन्द्रीय मंत्री एवं कार्यकारिणी सदस्य राज्य में निकाय चुनावों के मद्देनज़र अध्यक्षीय उद्बोधन के बाद वापस लौट गये। 

कोई टिप्पणी नहीं: