बीसीसीआई ने अमिताभ चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 16 अगस्त 2022

बीसीसीआई ने अमिताभ चौधरी के निधन पर शोक व्यक्त किया

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रांची, 16 अगस्त, भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने पूर्व अधिकारी अमिताभ चौधरी के निधन पर मंगलवार को शोक व्यक्त किया। श्री चौधरी का मंगलवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। सूत्रों ने बताया कि 62 वर्षीय श्री चौधरी सुबह अपने निवास में टहल रहे थे जब उन्हें दिल का दौरा पड़ा। इसके बाद श्री चौधरी को रांची के एक अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, "मैं श्री अमिताभ चौधरी के निधन के बारे में जानकर स्तब्ध और दुखी हूं। मेरा उनके साथ एक पुराना जुड़ाव था। मेरी उनसे पहली मुलाकात जिम्बाब्वे दौरे पर हुई थी जब मैं भारत का नेतृत्व कर रहा था और वह टीम मैनेजर थे। समय के साथ, हमारी बातचीत बढ़ती गई और खेल के प्रति उनका जुनून स्पष्ट था। आज हमारे पास रांची में एक विश्व स्तरीय स्टेडियम और परिसर है जो उनकी दूरदृष्टि और अथक प्रयासों की बदौलत है। दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं और सहानुभूति उनके दोस्तों और परिवार के साथ है।" भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के पूर्व अधिकारी श्री चौधरी 2002 में बीसीसीआई के सदस्य बने थे। उन्होंने 2005 में तत्कालीन उप-मुख्यमंत्री सुदेश महतो को हराकर झारखंड राज्य क्रिकेट एसोसियेशन के अध्यक्ष का चुनाव भी जीता था। बीसीसीआई सचिव जय शाह ने कहा, "श्री अमिताभ चौधरी के निधन की खबर सुनकर मैं सदमे और अविश्वास की स्थिति में हूं। एक प्रशासक के रूप में, वह बहुत भावुक थे और जमीनी स्तर पर वास्तविक बदलाव लाना चाहते थे। जब उन्होंने झारखंड में पदभार संभाला था तब राज्य में क्रिकेट बहुत शुरुआती दौर में था। हमने उनके नेतृत्व में वास्तविक परिवर्तन देखा है। मेरे विचार उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं। ईश्वर उन्हें इस नुकसान से उबरने की शक्ति दें।" भारतीय टीम के प्रबंधक (2005-09) और बीसीसीआई के कार्यवाहक सचिव की जिम्मेदारियां निभाने के बाद उन्होंने 2013 में स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ली और राजनीति में शामिल हो गये। राजनीति में हालांकि सफलता उनके हाथ नहीं लगी और उन्हें जेवीएम के टिकट पर रांची से चुनाव लड़ते हुए हार का सामना करना पड़ा। इसके अलावा श्री चौधरी ने झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) के चेयरमैन की भूमिका भी निभाई और हाल ही में अपनी ज़िम्मेदारियों से बरी हुए थे। 

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