प्रतापगढ़ : विधिक साक्षरता शिविर आयोजन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 13 अगस्त 2022

प्रतापगढ़ : विधिक साक्षरता शिविर आयोजन

  • विभिन्न एन0जी0ओ0 संस्थानों के साथ प्राधिकरण की बैठक

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प्रतापगढ़, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर - राज. के निर्देशानुसार प्राधिकरण द्वारा अनवरत जारी विधिक साक्षरता शिविरों की श्रंखला में आज दिनांक 08.07.22 को ग्राम खेरोट में अटल सेवा केन्द्र पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आयोजित शिविर में उपस्थित ग्रामीणजन और आमजन को विभिन्न प्रकार की सामान्य कानूनी जानकारियां प्रदान की गई। इस अवसर पर अटल सेवा केन्द्र पर उपस्थित ग्रामीणजनों को और काश्त5कारों को कृषि के उन्नतिकरण के संबंध में जानकारियां प्रदान की, जिससे कि वे अपनी कृषि की लागत कम करते हुए अधिक मुनाफा प्राप्त कर सके और उन्नत कृषि कर सकें। जिसके तहत देशी खाद, देशी कीटनाशक निर्माण करते हुए उपयोग करने के तरीकों के बारे में समझाया। वर्मी कम्पोस्ट, होर्टी कल्चर (उद्यान), सोलर प्लांट आदि के बारे में बताया। इसी के साथ उपस्थित ग्रामीण जन से ऐसे बच्चों के बारे में चर्चा की जो स्कूली शिक्षा को बीच में ही छोड़ चुके हैं अर्थात ड्राप आउट हो चुके हैं। ऐसे बच्चों की सूचना तत्काल संबंधित विद्यालय को देते हुए उन्हें पुनः स्कूली शिक्षा से जोड़ने का प्रयत्न किया जाना चाहिए। यदि इसमें किसी प्रकार की समस्या आती है तो प्राधिकरण से सम्पर्क किया जा सकता है। अभिभावक अथवा रिश्तेदान इस कार्य को उत्साहपूर्वक करें ताकि बच्चे का भविष्य संवर सके। इसी के साथ उपस्थित ग्रामीणजनों और महिलाओं को महिला आत्मनिर्भरता के महत्व को समझाते हुए स्थानीय बड़ौदा स्वरोजगार विकास संस्थान द्वारा निःशुल्क प्रशिक्षण के बारे में बताया। जैसे पापड बनाने का उद्योग, ब्यूटी पार्लर कोर्स, केंचुआ खाद, सिलाई प्रशिक्षण आदि संस्थान द्वारा निःशुल्क करवाये जाते हैं। जिनका लाभ महिलाएं अपना ग्रुप बनाते हुए संस्थान में पंजीकरण करवाकर प्राप्त कर सकती हैं। प्रशिक्षण पूर्णतया निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। दौराने शिविर प्राधिकरण सचिव ने बाल विवाह निषेध कानून के बारे में विस्तृत समझाया और बताया कि यह कानूनन अपराध है जिसके तहत सजा व जुर्माने का प्रावधान है। उक्त संबंध में ग्रामीण जनों के प्रश्नों के जवाब देते हुए उनकी जिज्ञासाओं को शांत करते हुए प्राधिकरण सचिव ने बताया कि नाबालिग बच्चों को मोबाईल उपलब्ध नहीं कराना चाहिये और यदि उनके पास मोबाईल है तो उनकी प्रत्येक गतिविधि पर पैनी नज़र रखना भी अभिभावकों का कर्त्तव्य है। बचपन से ही अच्छे संस्कार देने से किशोरावस्था में अक्सर बच्चों से होने वाली गलतियों को रोका जा सकता है। अन्यथा उसके दुष्परिणामों के लिये अभिभावक, परिवरजन तथा रिश्तेदार भी उत्तरदायी रहते हैं। इसी शिविर में आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिकाधिक प्रकरण राजीनामें से निस्तारण हेतु रखे जाने की अपील भी की गई ताकि लोक अदालत की सफलता सुनिश्चत हो सके और लोक अदालत की मंशानुरूप समय व धन की बचत के उद्धेश्य की प्राप्ति हो सके।  इसी दिवस प्राधिकरण सचिव द्वारा विभिन्न स्वयं सेवी संस्थानों (एन0जी0ओ0) के साथ ए0डी0आर0 भवन के कॉन्फ्रेन्स हॉल में बैठक का आयोजन किया गया। बैठक मंे सत्यार्थी सेवा संस्थान कट्स सस्थान, वर्ल्ड विजन, आजीविका ब्यूरो, गायत्री सेवा संस्थान, सृष्टि सेवा संस्थान, प्रयास संस्थान, आई.पी.ई. ग्लोबल, सृजन सेवा संस्थान आदि के साथ विभिन्न सामाजिक कल्याणार्थ विषयों पर चर्चा की गई। जिनमें बाल कल्याण, चाईल्ड लेबर, शिक्षा, जल जीवन मिशन, वृक्षारोपण, स्वरोजगार, आंगनबाड़ी सेवा तथा साफ-सफाई व्यवस्था आदि के बारे में विस्तृत चर्चा की तथा प्राधिकरण सचिव ने अपील की कि सभी एन0जी0ओ0 एक दूसरे को कोर्डिनेट करते हुए कार्य करें ताकि बेहतर परिणाम प्राप्त किये जा सकें। 

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