मधुबनी : जिला कृषि टास्क फोर्स की विशेष बैठक आयोजित - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 2 अगस्त 2022

मधुबनी : जिला कृषि टास्क फोर्स की विशेष बैठक आयोजित


■  डीएम ने एक सप्ताह के अंदर सभी प्रखंडों में शत-प्रतिशत धान रोपनी का आच्छादन सुनिश्चित करने का दिया निर्देश। खाद की कालाबाजारी करने वालो पर  कड़ी नजर रखने एवम  प्रतिदिन खाद की दुकानों पर की गई छापेमारी की रिपोट देने का दिया निर्देश। 

■ कल बुधवार को कृषि टास्क फोर्स के अधिकारी क्षेत्र में जाकर धान की रोपनी,खाद की उपलब्धता, डीजल अनुदान,कृषि फीडर से बिजली की उपलब्धता, स्टेट ट्यूबबेल की जाँच, नहरों से पटवन की स्थिति आदि का करेगे जाँच। स्थिति पर नजर रखने को लेकर लगातार दस दिनों तक प्रतिदिन होगी डीएम की अध्यक्षता में कृषि टास्क फोर्स की बैठक।

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मधुबनी, जिला पदाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा  की अध्यक्षता में समाहरणालय सभा कक्ष में जिला कृषि टास्क फोर्स की विशेष बैठक आयोजित की गई,जिसमे संबधित  जिला स्तरीय पदाधिकारी, अनुमंडल कृषि पदाधिकारी, प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवम सभी कृषि समन्वयकों ने भाग लिया। बैठक में अनियमित मॉनसून को देखते हुए वर्तमान में हो रही वर्षापात एवम धान की रोपनी की स्थिति, डीजल अनुदान, खाद की उपलब्धता, खाद विशेषकर यूरिया का निर्धारित मूल्य पर बिक्री , कृषि फीडर में 16 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति , नलकूप की मरम्मती सहित पीएम किसान सम्मान निधि योजना,पशुपालन एवम डेयरी से संबधित योजना आदि को लेकर जिलाधिकारी द्वारा विस्तृत समीक्षा की गई एवं कई आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी द्वारा सर्वप्रथम वर्तमान में हो रही वर्षापात एवम धान रोपनी को लेकर प्रखंडवार सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी एवं प्रखंड समन्वयक से बारी-बारी से समीक्षा की गई । समीक्षा के क्रम में यह पाया गया कि विगत दो दिनों में जिले में लगभग 46 mm वर्षापात हुई है एवम धान की रोपनी का अभी तक 72 प्रतिशत आच्छादन हो चुका है,परंतु कुछ प्रखंड में अभी भी रोपनी की स्थिति अच्छी नही है। रहिका में 40% बिस्फी में 48% पंडौल में 56% राजनगर में 60% ही धान के रोपनी हुई है। जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि  वर्तमान में अच्छी वर्षा हो रही है अतः कम रोपनी वाले प्रखंड सहित शेष सभी प्रखंड  एक सप्ताह के अंदर सभी प्रखंडों में शत-प्रतिशत धान रोपनी का आच्छादन सुनिश्चित करे,साथ ही वास्तविक रुप से प्रतिदिन इसकी इंट्री करना भी सुनिश्चित करे। उन्होंने सभी कृषि समन्वयकों को निर्देश दिया कि दो दिनो के अंदर अपने अपने क्षेत्र में यह सर्वे कर ले कि कितने डीजल पंप सेट है। उन्होंने  डीजल अनुदान को लेकर विस्तृत जानकारी भी दिया।   उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 22 -23 अंतर्गत खरीफ मौसम के फसलों में अल्प वृष्टि के कारण सुखाड़ जैसी उत्पन्न स्थिति को देखते हुए डीजल चालित पंप सेट से पटवन करने के लिए सरकार द्वारा किसानों को डीजल अनुदान देने की व्यवस्था की गई है। खरीफ फसलों की डीजल पंप सेट से सिंचाई के लिए क्रय किए गए डीजल पर ₹60 प्रति लीटर की दर से ₹600 प्रति एकड़ प्रति सिंचाई डीजल अनुदान दिया जाएगा। यह अनुदान प्रति किसान अधिकतम 8 एकड़ सिंचाई के लिए ही दे होगा। इस योजना का लाभ कृषि विभाग के डीबीटी पोर्टल में ऑनलाइन पंजीकृत किसानों को ही दिया जाएगा ।वैसे किसान जो पूर्व में डीबीटी पोर्टल पर पंजीकृत हैं उन्हें पुनः पंजीकरण नहीं करना है वे सीधे डीजल अनुदान के लिए पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। डीजल अनुदान की राशि आवेदक के आधार से जुड़े बैंक खाते में ही अंतरित की जाएगी ,अगर बैंक खाता आधार संख्या से जुड़ा नहीं होगा तो वैसे किसानों को को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा। डीजल अनुदान योजना खरीफ 2022 के लाभ के लिए दिनांक 29 जुलाई 2022 से सिंचाई के लिए क्रय किये गए  डीजल के लिए ही मान्य होगा ।इसी तरह दिनांक 30 अक्टूबर 2022 तक सिंचाई के लिए किए गए डीजल के लिए ही अनुदान का लाभ मान्य होगा। उन्होंने बताया कि यदि किसी किसान को अपने आवेदन के संदर्भ में किसी प्रकार की शिकायत होगी तो वे लिखित रूप से  शिकायत संबंधित डीजल अनुदान अनुशंसा निगरानी समिति के समक्ष रखेंगे। ऐसे सभी शिकायतों का 15 दिनों के अंदर संबंधित कृषि समन्वयक के द्वारा जांच की जाएगी ।जो किसान वांछित अहर्ता रखते हैं उन्हें अनुदान के भुगतान हेतु विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी द्वारा कृषि फीडर में 16 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति को लेकर भी प्रखंडवार समीक्षा किया गया ।जिला पदाधिकारी ने कार्यपालक अभियंता विद्युत को निर्देश दिया गया कि कृषि फीडर में किसानों के सिंचाई हेतु 16 घंटे निर्बाध विद्युत आपूर्ति करें,अगर कही समस्या होती है तो स्वयं क्षेत्र में जाकर देखे। उन्होंने निर्देश दिया कि जल हुए ट्रांसफार्मर को अविलम्ब ठीक करवाये। उर्वरक की उपलब्धता एवम कालाबाजारी आदि की  समीक्षा के क्रम में डीएम ने निर्देश दिया कि कृषि समन्वयक एवम किसान सलाहकार द्वारा उर्वरक विक्रेताओं पर नजर रखे।  कंट्रोल रूम में प्राप्त शिकायतों पर करवाई करे। किसी भी सूरत में खाद की कालाबाजारी बर्दाश्त नही की जाएगी। गड़बड़ी करने वालो के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा पर्याप्त मात्रा में जिले में खाद उपलब्ध करवाया गया है। खाद की कालाबाजारी पर राज्य सरकार एवं जिला प्रशासन कि कड़ी नजर है।  उन्होंने निर्देश दिया कि खाद की दुकानों पर की जाने वाली छापेमारी का प्रतिदिन रिपोर्ट उपलब्ध करवाएं। नलकूप की समीक्षा क्रम में यह पाया गया कि वर्तमान में 122 नलकूप चालू है। 242 नलकूप खराब है,जिसमे 159 की मरम्मती हेतु पैसा पंचायतो को भेज दिया गया है। 18 विधुत दोष से बंद थे जिसमें 12 ठीक हो गए है। डीएम ने निर्देश दिया कि बंद पड़े नलकूप को एक सप्ताह में ठीक करवाये ताकि किसान सिंचाई में उपयोग कर सकें। उन्होंने कहा कि मरम्मती नही करने वाले मुखिया के खिलाफ करवाई हेतु प्रस्ताव भेजे। किसान  सम्मान निधि योजना के समीक्षा के क्रम में डीएम ने निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों का ससमय निष्पादन करें साथ ही पुराने किसान सम्मान निधि योजना के लाभुकों का भौतिक सत्यापन भी  ससमय कर लें। जिलाधिकारी ने कहा कि अभी लगातार 10 दिनों तक प्रतिदिन कृषि टास्क फोर्स की बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें सभी संबंधित जिला स्तरीय अधिकारी भाग लेंगे ताकि सभी स्थितियों पर नजर रखी जा सके। उन्होंने कहा कि कल बुधवार के जांच में कृषि टास्क फोर्स से संबंधित अधिकारी भी क्षेत्र में जाकर धान की रोपनी की स्थिति, कृषि फीडर से बिजली की उपलब्धता, स्टेट ट्यूबवेल की जांच, नहरों से पानी की उपलब्धता, उर्वरक दुकानों में छापेमारी, वर्षा मापी यंत्र की जांच आदि कार्य करेंगे इसके अतिरिक्त जिला पदाधिकारी द्वारा पशुपालन विभाग की योजनाएं, डेयरी विभाग की योजनाएं, उद्यान विभाग की योजनाएं आदि का भी समीक्षा किया गया एवं कई आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिया गया। उक्त बैठक में उप विकास आयुक्त विशाल राज,डीपीआरओ परिमल कुमार,  जिला कृषि पदाधिकारी,  जिला पशुपालन पदाधिकारी, एलडीएम,सभी कार्यपालक अभियंता जलसंसाधन विभाग,कार्यपालक अभियंता विधुत,  सभी प्रखंड कृषि पदाधिकारी, सभी कृषि समन्वयक आदि उपस्थित थे।

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