बिहार : शरीर दान करने वाले प्रथम बन गए हैं फादर जौन डिमेलो - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 31 अगस्त 2022

बिहार : शरीर दान करने वाले प्रथम बन गए हैं फादर जौन डिमेलो

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पटना: विख्यात येसु समाज पटना जेसुइट प्रोविंस के पूर्व प्रोविंशियल फादर जौन डिमेलो का निधन हो गया है.वे 89 वर्ष के थे.एक जेसुइट के रूप में  65 साल कार्य किए.वहीं 56 साल पुरोहित का जीवन व्यतीत किए.खास बात है कि फादर डिमेलो ने 2012 में पीएमसीएच में जाकर शरीर दान करने की लिखित घोषणा कर दी थी.इस तरह पटना जेसुइट प्रोविंस के 65 पुरोहितों में प्रथम पुरोहित बने जो शरीरदान कर दिये.इसी तरह बिहारी ईसाइयों में भी प्रथम शरीर दान करने वाले बन गए हैं. दीघा स्थित एक्सटीटीआई में पटना, बक्सर,मुजफ्फरपुर आदि धर्मप्रांतों के आम से खास लोग फादर डिमेलो को श्रद्धांजलि और पार्थिव शरीर का दर्शन करने सैकड़ों लोग आए.इस अवसर पर बक्सर धर्मप्रांत के प्रेरितिक प्रशासक सह निवर्तमान आर्चबिशप विलियम डिसूजा,मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप काजिटेन फ्रांसिस ओस्ता,फादर ग्रेगरी गोम्स के अलावे दर्जनों जेसुइट और धर्मप्रांतीय पुरोहितों ने पवित्र मिस्सा किए और आगंतुकों को 'हैप्पी बर्थडे' कहने वाले फादर डिमेलो को स्वर्गलोक में जगह देने के लिए सर्वेश्वर से प्रार्थना की. समाजसेवी एसके लौरेंस ने कहा कि किसी से मुलाकात होने के बाद फादर सबको हैप्पी बर्थडे कहते थे.अब हैप्पी बर्थडे कहने वाला हमलोगों के बीच नहीं रहे. परमेश्वर उनकी आत्मा को शान्ति प्रदान करे. फादर ग्रेगरी गोम्स ने प्रवचन दिए.उनके व्यक्तियों एवं कृतियों पर प्रकाश डाला.वहीं पटना जेसुइट प्रोविंस के प्रोविंशियल फादर डोनाल्ड जे मिरांडा ने फादर जौन डिमेलो के बारे में बताया कि फादर का जन्म 14.12.1932 को हुआ था.जब 25 वर्ष के थे,तब 20.06.1957 में 'येसु समाज' में प्रवेश किए. विख्यात 'येसु समाज' में प्रवेश करने के 9 साल के बाद 34 वर्ष में 09.06.1966 को विधिवत पुरोहित बने.उनका अंतिम मन्नत 45 साल में 26.01.1977 में पूरा किए.येसु समाजी बनकर 65 साल कार्य किए.इसमें 56 साल पुरोहित का जीवन था.89 वर्ष के थे. उन्होंने कहा कि संत माइकल हाई स्कूल के प्रिंसिपल भी रहे.कई पल्ली के पल्ली पुरोहित रहे.दीघा स्थित एक्सटीटीआई के रेक्टर रहे.विख्यात कुर्जी होली फैमिली हॉस्पिटल में अकाउंट्स डिपार्टमेंट में थे.कुर्जी होली फैमिली से जुड़े लोग फादर का व्यवहार के मुरीद थे.अब एक दूसरे से केवल यही कह रहे हैं कि 'कइसे इनके भुलावा जइहे.'1983 में पटना जेसुइट प्रोविंस के  प्रोविंशियल थे. पवित्र मिस्सा के समापन पर पटना जेसुइट प्रोविंस के 65 पुरोहितों के बीच से शरीर दान करने वाले प्रथम पुरोहित फादर जौन डिमेलो का पार्थिव शरीर को पीएमसीएच भेजा गया. सूचना के अनुसार पार्थिव शरीर को पीएमसीएच ने स्वीकार कर लिया है.इस बीच फादर डिमेलो के कुछ बाल और नाखून को एक बॉक्स में रखकर प्रतीक के रूप में एक्सटीटीआई के कब्रिस्तान में दफन कर दिया.इस तरह एक अध्याय जन्म 14.12.1932 से निधन 24.08.2022 तक खत्म हुआ.दूसरा अध्याय 25.08.2022 से पीएमसीएच में शुरू हो गया.इस पार्थिव शरीर के अस्थियों से शिक्षण कार्य में उपयोग होगा.

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