मोदी के दोस्तवाद ने देश की अर्थव्यवस्था को किया चौपट : सिसोदिया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शनिवार, 13 अगस्त 2022

मोदी के दोस्तवाद ने देश की अर्थव्यवस्था को किया चौपट : सिसोदिया

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नयी दिल्ली, 13 अगस्त, आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्तवाद के कारण देश की अर्थव्यवस्था चौपट हो गई और आजादी के 75 सालों में पहली बार ऐसे हालात पैदा हो गए हैं कि केंद्र सरकार दूध-दही, आटा-चावल पर टैक्स लगा रही है। श्री सिसोदिया ने आज कहा कि देश की अर्थव्यवस्था की हालत इतनी बुरी इसलिए हो चुकी है, क्योंकि केंद्र सरकार ने जनता के टैक्स के पैसे को प्रधानमंत्री के दोस्तों की तिजोरियों को भरने में लुटा दिया| दोस्तवादी सरकार ने अपने चंद दोस्तों के पांच लाख करोड़ रुपए के टैक्स और 10 लाख करोड़ रुपए के ऋण माफ़ कर दिए| उन्होंने कहा कि जनता ने सरकार को जो पैसे उन्हें अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली-पानी जैसी सुविधाएं मुहैया करवाने के लिए दिया, केंद्र की दोस्तवादी सरकार ने उन पैसों को श्री मोदी के दोस्तों की तिजोरी भरने में लगा दिया| उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने जनता के टैक्स के पैसों से अपने दोस्तों की तिजोरी भरी, उनके 15 लाख करोड़ रुपए के टैक्स व लोन माफ़ कर दिया और यह कह रही है कि सरकार से जनता को कुछ फ्री नहीं मिलेगा, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाएं, दवाइयां फ्री नहीं मिलेंगी और साथ ही केंद्र सरकार जनता से अब दूध-दही जैसी बुनियादी चीजों पर टैक्स मांग रही है । भाजपा से पूछा जाता है कि आजादी के बाद 75 साल के इतिहास में देश में ऐसा पहली बार क्यों हो रहा है कि केंद्र सरकार को ऐसे कदम उठाने पड़ रहे हैं तो भाजपा के लोग इधर-उधर की बातें करने लगते है| आप के वरिष्ठ नेता ने कहा कि आज भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा से भी जब यह सवाल पूछा गया तो उन्होंने भी इसका जबाव नहीं दिया और इधर-उधर की बातें करने लगे| उन्होंने कहा कि सवाल को भटकाने की बजाय वे बताएं कि प्रधानमंत्री के दोस्तवाद ने अपने दोस्तों की तिजोरी भरने के लिए देश की अर्थव्यवस्था को इतनी बुरी हालत में क्यों पहुंचा दिया कि आज केंद्र सरकार के पास स्कूल खोलने, अस्पताल खोलने के लिए पैसे नहीं है और केंद्र दूध-दही पर टैक्स लगा रही है| उन्होंने प्रधानमंत्री से सवाल पूछते हुए कहा कि अपने दोस्तों को फायदा पहुँचाने के लिए उनके 10 लाख करोड़ रुपए का कर्ज और पांच लाख करोड़ रुपए का टैक्स क्यों माफ़ किया? इसकी वजह से आज देश में आजादी के 75 सालों में पहली बार ऐसे हालात पैदा हो गए है कि ऐसी-ऐसी चीजों पर टैक्स लगाया जा रहा है जिसपर पहले कभी टैक्स नहीं लगा| उन्होंने भाजपा को नसीहत देते हुए कहा कि भाजपा के नेता इधर-उधर की बातें न करें बल्कि इस सवाल का जबाव दें कि भाजपा ने देश की अर्थव्यवस्था को इतना बर्बाद क्यों कर दिया, देश को इस हालात में क्यों पहुंचा दिया कि आज केंद्र सरकार के पास अस्पताल-स्कूल बनवाने के पैसे नहीं है और जनता से दूध-दही पर टैक्स लिया जा रहा है|

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