5 जुलाई 1973 को विधिवत रायपुर के धर्मप्रांत के रूप में पदोन्नत किया गया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 15 अगस्त 2022

5 जुलाई 1973 को विधिवत रायपुर के धर्मप्रांत के रूप में पदोन्नत किया गया

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रायपुरः छत्तीसगढ़ प्रदेश के तीसरे और वर्तमान मुख्यमंत्री भूपेश बघेल हैं.वे भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के राजनेता हैं.जन साधारण को सेवा देने वाले एक भारतीय राजनीतिज्ञ भी हैं.इन्हीं के प्रदेश में है रोमन कैथोलिक रायपुर धर्मप्रांत.5 जुलाई 1973 को विधिवत रायपुर के धर्मप्रांत के रूप में पदोन्नत किया गया.देखते ही देखते रायपुर धर्मप्रांत का 2023 में 50 साल हो जाएगा.इसके आलोक में स्वर्ण जयंती का जश्न शुरू हो गया है.एक साल का जश्न 2023 में जाकर खत्म होगा. बता दें कि 16 जनवरी 1964 को नागपुर के महानगर महाधर्मप्रांत से रायपुर के अपोस्टोलिक प्रान्त के रूप में स्थापित किया गया था.वहीं 5 जुलाई 1973 को विधिवत रायपुर के धर्मप्रांत के रूप में पदोन्नत किया गया. 27 फरवरी 2004 को रायपुर के महानगर महाधर्मप्रांत के रूप में पदोन्नत किया गया.इस समय रायपुर महाधर्मप्रांत में अंबिकापुर, जगदलपुर,जशपुर और रायगढ़ धर्मप्रांत है.रायपुर महाधर्मप्रांत में सेंट जोसेफ कैथेड्रल हैं.सेंट जोसेफ कैथेड्रल के संरक्षक आर्चबिशप विक्टर हेनरी हैं.जो बिहार प्रदेश के पश्चिम चंपारण जिले के रहने वाले हैं.आर्चबिशप विक्टर हेनरी का घर बेतिया धर्मप्रांत की चखनी पल्ली में है. बताया जाता है कि छत्तीसगढ़ राज्य में रायपुर पड़ता है.स्थानीय छत्तीसगढ़ में आदिवासी समाज के सदस्यों की संख्या सबसे अधिक है.इस धर्मप्रांत में विभिन्न राज्यों से आकर रहने वाले लोग बहुत कम हैं.इस समय आदिवासी समाज धर्मांतरण से उपजी घर वापसी का शिकार हो रहे है.इसके चलते उनका निजी जीवन और सामुदायिक विकास प्रभावित हो रहा है.हाल में संविधान प्रदत आरक्षण से ईसाई आदिवासियों को बेदखल कर आरक्षण सूची से हटाने का प्रयास किया जा रहा है.उसका सामना आदिवासी ईसाइयों को करना पड़ रहा है.इससे बुरी तरह से जूझ रहे हैं. दूसरी ओर एंग्लो इंडियन समुदाय के ज्यादातर लोग रेलवे मुख्यालय या डीआरएम कार्यालय में काम करने वाले रेलवे कर्मचारी हैं.ऐसे लोग मजबूती से चुनौतियों का सामना करके विश्वासी ईसाई की झलक दिखा पाने में सक्षम हैं.वे अपने परिवार के विकास और अपनी अर्थव्यवस्था के लिए लड़ रहे हैं. यहां पर केरल के प्रवासित आम लोगों के साथ मिशनरी फादर व सिस्टरों की संख्या अधिक हैं. इन लोगों के द्वारा और इनके कार्यों के कारण धर्मप्रांत प्रभावित हो रहा है.अब तो उनके द्वारा धर्मप्रांत के बिशप पद और मण्डली के प्रमुख पदों पर भी अपना दावा पेश कर रहे हैं. यह सत्य है कि इस तरह की मांग केवल रायपुर धर्मप्रांत में ही नहीं की जा रही है, बल्कि पूरा भारत विशेषकर उत्तर भारत के धर्मप्रांतों में की जा रही है.इस समय अव्वल मांग बक्सर धर्मप्रांत में लोकल बिशप के रूप में की जा रही है.इसके अलावे नौकरी, प्रशिक्षण,विभिन्न मण्डलियों में पद की मांग की जा रही है.इस तरह की मांग पूर्ण चुनौतियों का सामना आर्चबिशप विक्टर हेनरी ठाकुर के अलावे अन्य आर्चबिशप और धर्मप्रांत के बिशप कर रहे हैं.

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