मुफ्त शिक्षा, मुफ्त इलाज की हो व्यवस्था : केजरीवाल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 8 अगस्त 2022

मुफ्त शिक्षा, मुफ्त इलाज की हो व्यवस्था : केजरीवाल

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नयी दिल्ली, 08 अगस्त, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने सभी सरकारों से मांग करते हुए कहा कि देश के हर बच्चे के लिए शानदार मुफ्त शिक्षा, हर व्यक्ति के लिए मुफ्त इलाज, हर परिवार के लिए 300 यूनिट मुफ्त बिजली और बेरोजगारों के लिए बेरोजगारी भत्ते की व्यवस्था की जाए। श्री केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन कर आज कहा कि पिछले कुछ दिनों से देशभर में एक ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि गरीबों, आम लोगों और मध्यम वर्ग को केंद्र सरकार और राज्य सरकारें जो सुविधाएं देती हैं, वो सुविधाएं बंद की जाएं। उससे सरकारों को घाटा हो रहा है। कोई इन्हें फ्री-बी कह रहा है, तो कोई इन्हें फ्री की रेवड़ी कह रहा है। इस तरह, अलग-अलग शब्दों का इस्तेमाल करके पूरे देश के अंदर महौल बनाया जा रहा है कि सरकारों को बहुत घाटा हो रहा है। यह माहौल बनाया जा रहा है कि देशभर में बच्चों को जो फ्री में शिक्षा दी जाती है, वो फ्री शिक्षा बंद की जाएं। देश आजादी वर्षगांठ पर जब यह सुनते हैं, तो दिल को बहुत तकलीफ होती है। वैसे तो 75वें साल के अंदर शिक्षा का ऐसा सिस्टम बन जाना चाहिए था कि पूरे देश में हमारे बच्चों को अच्छी और मुफ्त शिक्षा मिलती। लेकिन आजादी की 75वीं वर्षगांठ के अंदर हम यह माहौल बना रहे हैं कि हमारे देश के बच्चों को अच्छी और फ्री की शिक्षा देना फ्री की रेवड़ी है और इससे सरकारों को घाटा हो रहा है, तो इससे बुरी बात नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि इस वक्त हमें पूरी प्लानिंग करनी चाहिए थी कि 75 साल में जो कमी रह गई थी, उस कमी को हम सारे मिलकर युद्ध स्तर पर पूरा करेंगे। हम सारे मिलकर ऐसा प्लान बनाएंगे कि अगले पांच साल के अंदर पूरे देश में शानदार सरकारी स्कूल बना देंगे और बच्चों को अच्छी शिक्षा देंगे। तब आजादी की 75वीं वर्षगांठ सही मायने में मनाई जाती। लेकिन हम क्या कर रहे हैं? हम मिलकर ऐसा महौल बना रहे हैं कि अब सरकारी स्कूलों के अंदर बच्चों को फ्री शिक्षा बंद की जाएगी। श्री केजरीवाल ने कहा कि देशभर में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है कि सारे सरकारी अस्पतालों के अंदर फ्री चिकित्सा बंद की जाएगी। या तो सरकारी अस्पतालों को बंद कर दिया जाएगा या फिर सरकारी अस्पतालों के अंदर अब पैसे लेकर इलाज किया जाएगा। सरकारी अस्पतालों के अंदर दवाई, टेस्ट और सर्जरी समेत हर चीज के पैसे लिए जाएंगे। जिसके पास पैसे है, वो अपना इलाज कराए और जिसके पास पैसे नहीं है, वो जहां मर्जी जाए। आजादी की 75वीं वर्षगांठ पर इस किस्म की बात की जा रही है। ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जैसे आम लोगों को फ्री बिजली देना गुनाह है। मुख्यमंत्री ने कहा कि जो लोग यह माहौल बना रहे हैं, इन लोगों ने देश के कुछ चंद लोगों का 10 लाख करोड़ रुपए का कर्जा माफ कर दिया। कहा जा रहा है कि उन चंद लोगों में कई इनके पक्के वाले दोस्त थे। उसके बारे में कोई बात नहीं कर रहा है। उन्होंने दूसरे देशों में आम लोगों को सरकारों से मिल रही सुविधाओं का जिक्र करते हुए कहा कि दुनिया भर में 39 अमीर देश ऐसे हैं, जहां पर वो अपने बच्चों को फ्री और अच्छी शिक्षा देते हैं। उन 39 देशों में 27 देश ऐसे हैं, जो 12वीं कक्षा तक फ्री शिक्षा देते हैं और 12 देश ऐसे हैं, जो 8वीं कक्षा तक फ्री शिक्षा देते हैं। वो देश अमीर इसी वजह से बने, क्योंकि वो अपने बच्चों को फ्री और अच्छी शिक्षा देते हैं। अपने बच्चों को तैयार करते हैं, जबकि हमारे देश में माहौल बनाया रहा है कि बच्चों को फ्री शिक्षा नहीं देनी चाहिए। दुनिया में 16 देश ऐसे हैं, जो अपने बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देते हैं, जब तक उनको रोजगार न मिल जाए। यूएस, कनाडा, आस्ट्रिया, बेल्जियम, डेनमार्क, फ्रांस, फिनलैंड, जर्मनी अपने बेरोजगारों को बेरोजगारी भत्ता देते हैं। वहां पर इनको फ्री-बी नहीं बोला जाता है। वहां पर आम लोगों को गालियां नहीं दी जाती है। वहां पर फ्री की रेवड़ी नहीं बोला जाता है। उन्होंने कहा कि मैं मांग करता हूं कि जिन लोगों ने अपने दोस्तों के 10 लाख करोड़ रुपए के कर्जे माफ किए, कानून लाकर इसको देश के साथ गद्दारी घोषित किया जाए। अपने दोस्तों के बैंक के कर्जे माफ करना अपने देश के साथ गद्दारी घोषित किया जाए और ऐसे लोगों को गिरफ्तार करके सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। यह दोस्त कौन हैं? पहले ये उनके दोस्ते थे और अब ये इनके दोस्त हैं। लोग वही हैं। पहले वो इनके कर्जे माफ करते थे और अब ये इनके कर्जे माफ करते हैं।

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