देश भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 19 अगस्त 2022

देश भर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की धूम

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नयी दिल्ली 19 अगस्त, आस्था एवं प्रेम के प्रतीक भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का पर्व जन्माष्टमी की आज पूरे देश में धूम रही और मंदिरों में “हाथी घोडा पालकी, जय कन्हैया लाल” की गूंज सुनाई दी। जन्माष्टमी के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा और कांग्रेस पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी, पार्टी नेता राहुल गांधी सहित कई अन्य नेताओं ने देशवासियों को जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दी। राजधानी दिल्ली में सुबह से ही विभिन्न मंदिरों में लड्डू गोपाल के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का तांता लगा हुआ है और श्रद्धालु कतार में लगकर कन्हैया के दर्शन पाने के लिए आतुर है। जन्माष्टमी के मौके पर यहां के इस्कॉन मंदिर में दो साल बाद भव्य तरीक़े से श्रीकृष्ण जन्मोत्सव मनायी जा रही है। इस मौके पर पूरे मंदिर को रंग बिरंगी लाइटों और फूलों से सजाया गया है। दिल्ली के ऐतिहासिक झंडेवाला देवी मंदिर को भगवान श्रीकृष्ण के जीवन पर आधारित झांकियों से सजाया गया है। इस अवसर पर विशेष रूप से वृंदावन से आये कलाकारों द्वारा बांकेबिहारी जी को भव्य फूल बंगले में विराजमान किया गया है , जो बाल कृष्ण की छठी 24 अगस्त तक रहेगा। यह भव्य फूल बंगला श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रात:काल से मंदिर में भक्तों की लंबी कतारें इन झांकियों के दर्शन करने के लिए लग गयी थी। लड्डू गोपाल के झूले पर काफी भीड़ रही। दिल्ली के श्रीराम भारतीय कला केन्द्र के कमानी सभागार में कृष्ण जन्मोत्सव के चार दिवसीय 46वें संस्करण के अवसर पर शुक्रवार को कलाकारों ने आकर्षक नृत्य के साथ नाटक प्रस्तुत किया तथा कृष्ण-राधा के नृत्य से लेकर, कृष्ण-सुदामा की मित्रता और कृष्ण-कंस की शत्रुता सहित कई वृत्तांतों को प्रदर्शित किया। कलाकारों ने अपनी कला और बेहतरीन प्रस्तुति से उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना तट पर बसे ब्रजमंडल में कृष्ण भक्ति की गंगा प्रवाहित हो रही है तथा इसमें गोते लगाने के लिए लाखों तीर्थयात्री यहां जमा हो चुके हैं। मथुरा हो या वृन्दावन, नन्दगांव हो या गोकुल अथवा गोवर्धन सभी स्थानों के कृष्ण मन्दिर तीर्थयात्रियों के लिए चुम्बक बने हुए है। आज तड़के जब श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में श्रीकृष्ण जन्मस्थान के भागवत भवन मन्दिर में शहनाई एवं नगाड़े बजे तो वहां मौजूद हजारों भक्त भाव विभोर होकर नृत्य करने लगे तथा ‘नन्द के आनन्द भये जै कन्हैया लाल की’ से जन्मस्थान का प्रांगण गूंज उठा। श्रद्धालुओं का जमघट श्रीकृष्ण जन्मस्थान के मन्दिरों, पुराने केशवदेव मन्दिर एवं द्वारकाधीश मन्दिर में रहा वहीं दिन में तीर्थयात्रियों के श्रद्धा के केन्द्र राधारमण मन्दिर, राधा दामोदर मन्दिर एवं शाह जी मन्दिर रहे। इन मन्दिरों में आज दिन में ठाकुर का अभिषेक किया गया।


गोकुल के मन्दिरों को श्रीकृष्ण के गोकुल आने की खुशी में नयी नवेली दुल्हन की तरह सजाया गया है। लाखों श्रद्धालुओं ने श्रीकृष्ण जन्म की खुशी में गिरि गोवर्धन की सप्त कोसी परिक्रमा की। देश के कोने कोने से आए भक्तों ने मथुरा, वृन्दावन, गोवर्धन, नन्दगांव एवं महाबन के मन्दिरों में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी समारोह में भाग लेकर स्वयं को धन्य किया। वृन्दावन में श्रीकृष्ण जन्म की लीला का आयोजन किया गया है। कुल मिलाकर व्रजमंडल का कोना कोना कृष्णमय हो गया है। जम्मू कश्मीर की राजधानी श्रीनगर में जन्माष्टमी के अवसर पर कश्मीरी पंडितों ने शोभा यात्रा निकाली। यह यात्रा कड़ी सुरक्षा के बीच टंकीपोरा इलाके में कठलेश्वर मंदिर से होते हुए हब्बाकदल, गनपतियार, बारबर शाह, रीगल चौक, लाल चौक, हरी सिंह हाई स्ट्रीट और जहांगीर चौक से गुजरी, जिसमें बच्चे भी पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुए। धार्मिक नारे लगाते हुए इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कश्मीरी पंडित शामिल हुए। पश्चिम बंगाल में भगवान श्री कृष्ण का जन्माष्टमी पर्व धार्मिक उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। नदिया जिले के मायापुर स्थित इस्कॉन मंदिर के वैश्विक मुख्यालय में मंदिरों को रोशन किया गया और वहां आज सुबह से पूजा चल रही थी। इस्कॉन कोलकाता के अल्बर्ट रोड परिसर में भी दिन भर पूजा का आयोजन किया गया। कोलकाता शहर में बिड़ला मंदिर के साथ-साथ और राज्य के विभिन्न जिलों में अन्य राधा कृष्ण मंदिरों को भी सजाया गया था। देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में दो साल के बाद दही हांडी फोड़ने के लिए गोविंदा की टोलियों का उत्साह चरम पर रहा। यहां दही हांडी’ समारोह के दौरान पिरामिड बनाते समय कम से कम 12 गोविंदा पाथक घायल हो गए। इनमें पांच को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गयी, जबकि सात अस्पताल में भर्ती हैं और उनकी हालत स्थिर बतायी गयी है। कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव का हिस्सा दही हांडी पूरे महाराष्ट्र में विशेष रूप से मुंबई और उसके पड़ोसी क्षेत्रों में दो साल के बाद बड़े पैमाने पर मनाया जा रहा है। गौरतलब है कि कोरोना वायरस नामक वैश्विक महामारी के कारण दो साल तक कोई भी पर्व या उत्सव ठीक से नहीं मनाया गया था। 

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