प्रधान ने शिक्षा मंत्रियों से मिलकर काम करने का आह्वान किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 1 सितंबर 2022

प्रधान ने शिक्षा मंत्रियों से मिलकर काम करने का आह्वान किया

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नयी दिल्ली 01 सितम्बर, केंद्रीय शिक्षा और कौशल विकास मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान ने जी-20 में शिक्षा मंत्रियों से साझा चुनौतियों से निपटने के लिए शिक्षा का उपयोग करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान किया। श्री प्रधान आज बाली में जी-20 शिक्षा मंत्रियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने साझा चुनौतियों से निपटने के लिए शिक्षा का उपयोग करने के लिए मिलकर काम करने का आह्वान करते हुए अधिक सुदृढ़ एवं समावेशी शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण परिवेश बनाने की दिशा में भारत की तीव्र प्रगति पर प्रकाश डाला। श्री प्रधान ने ट्रोइका के सह-अध्यक्ष के रूप में बैठक में अपने आरंभिक संबोधन में रिकवरी, पुनर्कल्पना एवं मजबूत पुनर्निर्माण’ विषय पर विभिन्‍न ठोस उपायों को सामने रखा। उन्होंने एक ऐसी नई दुनिया बनाने के लिए आपसी अनुभवों को साझा करने और आपस में मिलकर काम करने के विशेष महत्व के बारे में बताया जिसमें शिक्षा अब भी आम चुनौतियों से निपटने के लिए नोडल बिंदु बनी हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि पहुंच, समानता, गुणवत्ता, किफायती और जवाबदेही के मूलभूत सिद्धांतों पर आधारित राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देने और जी-20 के साझा विजन को साकार करने के लिए भारत का मार्गदर्शक है। उन्होंने यह भी कहा कि भारत ने वर्चुअल स्कूलों का संचालन शुरू कर दिया है और इसके साथ ही शिक्षा के दायरे का विस्तार करने और शिक्षा को सुलभ बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए डिजिटल विश्वविद्यालय के साथ-साथ कई भारतीय भाषाओं में शिक्षा के लिए 260 से भी अधिक विशेष टीवी चैनलों की स्थापना करने की प्रक्रिया में है। श्री प्रधान ने कहा कि एनईपी 2020 ने भारत में शिक्षा के अंतर्राष्ट्रीयकरण का मार्ग प्रशस्त कर दिया है और भारत अहमदाबाद स्थित गिफ्ट सिटी में अपने कैम्पस की स्थापना के लिए विदेशी विश्वविद्यालयों का स्वागत कर रहा है। उन्‍होंने कहा कि इसके साथ ही हम विदेशी विश्वविद्यालयों को पूरे भारत में अपना कैम्‍पस स्थापित करने की अनुमति देने के लिए नीतिगत उपाय करने की प्रक्रिया में हैं। श्री प्रधान ने एक ऐसी शिक्षा प्रणाली स्थापित करने के लिए जी20 के सदस्य देशों के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया जिसके तहत शिक्षण परिणाम 21वीं सदी के कौशल के अनुरूप होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि शिक्षा को वैश्विक विकास में तेजी लाने में मददगार बनाने के लिए हमारे ‘जी20 ईडीडब्ल्यूजी’ की पूरी क्षमता का उपयोग करने के लिए सभी प्रयास किए जाने चाहिए। श्री प्रधान ने जी20 शिक्षा मंत्रियों की बैठक के अलावा कई द्विपक्षीय बैठकें भी की।

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