नीतीश के आपा खोने पर सुशील मोदी ने ली चुटकी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 14 दिसंबर 2022

नीतीश के आपा खोने पर सुशील मोदी ने ली चुटकी

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पटना : बिहार में शराबबंदी के बावजूद जहरीली शराब से मौत पर जब विधानसभा में विपक्ष ने नीतीश सरकार को घेरा तो मुख्यमंत्री हत्थे से उखड़ गए। सीएम नीतीश ने भाजपा विधायकों से सदन में तुम-तड़ाक किया और गुस्से से वे कांपते नजर आये। मुख्यमंत्री के इस आचरण पर जहां बीजेपी हमलावर हो उठी वहीं भाजपा नेताओं ने नीतीश के गुस्से पर जबर्दस्त चुटकी भी ली। बीजेपी के वरिष्ठ नेता सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार के दिन चले गए हैं। इसीलिए वे आजकल बहुत जल्दी गुस्से और तैश में आ जा रहे हैं। उनको असल गुस्सा अपने घट रहे सियासी कद को लेकर है। लेकिन बिहार में जो भी हुआ है, वह उन्हीं का किया धरा है। अब इसमें बीजेपी पर कैसा गुस्सा। तैश के कारण उन्होंने अपनी याद्दाश्त भी खो दी है। वो प्रशांत किशोर और बीजेपी विधायकों को ‘तू’ और ‘तुम’ कहकर बुला रहे हैं। ये एनडीए से अलग होने के बाद पहले भी हुआ था। अब शराब से मौत पर उन्होंने फिर वही वर्ताव किया। लेकिन उनका स्वभाव पहले ऐसा नहीं था। दरअसल छपरा जिले में बीती रात से अब तक जहरीली शराब पीने से 20 लोगों की मौत हो गई है। इस मामले को बीजेपी विधायकों ने विधानसभा में उठाया और मौजूदा सरकार पर हमला बोला तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक काफी गुस्से में आ गये। सदन में उन्होंने बीजेपी विधायकों के लिए शराबी हो गए हो, क्या बोलते हो तुम, चुप रहो आदि जैसी टिप्पणियां की। इसपर सदन में हंगामा करते हुए भाजपा विधायकों ने मुख्यमंत्री के इस आचरण पर उनसे मांफी की मांग की और सदन नहीं चलने दी। अब सुशील मोदी ने उनके इस व्यवहार को घटते सियासी कद से उपजी कुंठानुमा गुस्सा करार दिया। नीतीश कुमार ने जैसे ही एनडीए छोड़ राजद के साथ महागठबंधन में जाने का निर्णय लिया, उसी समय यह क्लियर हो गया कि अब तेजस्वी ही सीएम बनेंगे। इसमें भाजपा पर इतना गुस्सा क्यों? उधर बिहार से ही भाजपा के एक और बड़े नेता व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि 10 साल पहले नीतीश कुमार का ये व्यवहार नहीं था। लगता है कि वो निराश हैं या फिर गिरती हुई साख या उम्र का तकाजा। इसी हताशा में वे अनाप शनाप बोल रहे हैं और अनाप शनाप फैसले भी ले रहे हैं। इसी का उदाहरण है कि उन्होंने कह दिया है कि तेजस्वी जी सत्ता संभालेंगे। जहरीली शराब से हर दिन मौत हो रही है और अपराध बढ़ रहे हैं। बिहार में शराब हर जगह मिल रही है। जबकि बिहार के सुशासन बाबू विपक्ष को अमर्यादित भाषा में चुप कराना चाह रहे। अब जहरीली शराब से मौत तो जनता के दर्द से जुड़ा मामला है। इसमें गुस्से वाली क्या बात है।

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