बिहार : भारतीय कृषि अनुसंधान पटना ने नम फार्मर्स के साथ एमओयू किया - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 6 दिसंबर 2022

बिहार : भारतीय कृषि अनुसंधान पटना ने नम फार्मर्स के साथ एमओयू किया

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पटना, भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की संस्था भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद पूर्वी क्षेत्र  परिसर  पटना (आईसीएआर -आरसीईआर)  पटना ने अपनी तकनीक के तेजी से प्रसार के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म NamFarmers.com के साथ समझौता (एमओयू) किया है। आईसीएआर -आरसीईआर  पटना के अनुसंधान और विकास में शामिल एक शीर्ष संस्था है, जबकि नम फार्मर्स एक मोबाइल आधारित डिजिटल स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म है, जो कृषि से जुड़े सभी हितधारकों को जोड़ता है । नम फार्मर्स दुनिया भर में कृषि सूचनाओं, तकनीकों और कृषि से जुड़े सभी हितकारकों के लिए उनसे जुड़ी सूचनाएं पहुंचाता है। यह कोयंबटूर स्थित तारा ब्लूम्स प्राइवेट लिमिटेड का एक सूचना प्रौद्योगिकी प्लेटफॉर्म है। नम फार्मर्स स्वदेशी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म कृषि के लिए समर्पित है, और किसानों के उपज को बेचने के लिए ऑनलाइन मार्केटप्लेस भी उपलब्ध कराता है। जिससे किसान कृषि उत्पादों को बेहतर कीमतों पर बेच सकते हैं। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद  का पूर्वी क्षेत्र परिसर  पटना (आईसीएआर आरसीईआर)  और नम फार्मर्स का एमओयू आईसीएआर आरसीईआर की तकनीकों का तेजी से प्रसार करने में सहायक होगा। इस एमओयू पर आईआईएसआर- आरसीईआर पटना  की तऱफ से संस्थान के निदेशक डॉ. आशुतोष उपाध्याय और नम फार्मर्स की तरफ से जनरल मैनेजर आसिफ रियाज ने हस्ताक्षर किए। इस अवसर पर आईआईएसआर- आरसीईआर पटना की  तऱफ से सभी बरिष्ठ वैज्ञानिक उपस्थित थे समझौते का स्वागत करते हुए संस्थान के निदेशक डॉ. ने आशुतोष उपाध्याय कहा कि इसमें अपार संभावनाएं हैं। उन्नत कृषि उत्पादन प्रौद्योगिकी के प्रसार में नम फार्मर्स मुख्य भूमिका निभा सकता है। डॉ. उपाध्याय ने बताया कि,आईसीएआर- आरसीईआर पटना, ल ने पहले तकनीकी प्रसार कर रहा है लेकिन नम फार्मरस से जुड़ने के बाद तकनिकी प्रसार करने और बेहतर परिणाम आए हैं। इससे किसानों की इनकम बढ़ाने में सहायता मिली है। नम फार्मरस के जनरल मैनेजर आसिफ रियाज ने नम फार्मरस किसान और कृषि जुडे सभी हितधारको के लिए कैसे फायदेमंद है इसके बारे में विस्तार से जानकारी दिया और नम संस्थान के साथ कैसे मिलकर किसानों कैसे मदद कर सकते जिससे कि वह तकनिकी और आर्थिक रूप से मजबूत हो सके. नम फार्मरस के मीडिया परामर्शकर्ता जें.पी सिंहं ने संस्थान के निदेशक और कृषि बैज्ञानिकों का स्वागत करते कहा कि आज के समय में क्यो नम फार्मरस ऐप जरूरी है जिससे कि कृषि क्षेत्र से जुडी सुचनाए और समाचार कृषि हितधारको को ज्यादा से ज्यादा पहुंच सके जिससे कि दूसरे क्षेत्र के तुलना में कृषि को महत्व मिल सके। संस्थान के हेड और  प्रधान वैज्ञानिक कहा कि यह समझौता किसानों तक आईआईएसआर तकनीक को पहुंचाने में मदद करेगा। इस अवसर पर आईसीएआर- पटना के एक्सटेंशन हेड डॉ उज्ज्वल कुमार सहित सभी डिविजन के हेड डॉ और   मुख्य प्रशासनिक अधिकारी  पूष्पनायक  और नम फार्मरस की तऱफ बिहार झारखंड के रीजनल मैनेजर आलोक रंजन उपस्थित थे।

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