रेलवे ने माल ढुलाई से 120478 करोड़ रुपये की कमाई की - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

विजयी विश्व तिरंगा प्यारा , झंडा ऊँचा रहे हमारा। देश की आज़ादी के 75 वर्ष पूरे होने पर सभी देशवासियों को अनेकानेक शुभकामनाएं व बधाई। 'लाइव आर्यावर्त' परिवार आज़ादी के उन तमाम वीर शहीदों और सेनानियों को कृतज्ञता पूर्ण श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए नमन करता है। आइए , मिल कर एक समृद्ध भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं। भारत माता की जय। जय हिन्द।

सोमवार, 2 जनवरी 2023

रेलवे ने माल ढुलाई से 120478 करोड़ रुपये की कमाई की

  • पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में माल ढुलाई से हुई आय में 16 प्रतिशत की वृद्धि हुई है
  • रेलवे ने दिसंबर 2022 तक 1109.38 मीट्रिक टन माल की ढुलाई की उपलब्धि प्राप्त की है
  • पिछले वर्ष की माल ढुलाई 1029.96 मीट्रिक टन की तुलना में इस वर्ष 8 प्रतिशत का सुधार हुआ है

railway-profit-by-freight
नई दिल्ली, इस वित्तीय वर्ष 2022-23 के पहले नौ महीनों के दौरान मिशन मोड पर भारतीय रेलवे की माल ढुलाई पिछले वर्ष की इसी अवधि की माल ढुलाई और कमाई से अधिक हो गई है। रेलवे ने अप्रैल से दिसंबर 2022 की अवधि के दौरान संचयी आधार पर, पिछले साल की 1029.96 मीट्रिक टन की माल ढुलाई के मुकाबले 1109.38 मीट्रिक टन की माल ढुलाई की है। इसमें पिछले वर्ष की माल ढुलाई की तुलना में 8 प्रतिशत का सुधार हुआ है। रेलवे ने पिछले वर्ष की तुलना में 104040 करोड़ रुपये की तुलना में 120478 करोड़ रुपये की कमाई की है। इसमें पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में 16 प्रतिशत का सुधार हुआ है। दिसंबर 2022 महीने के दौरान, दिसंबर 2021 में 126.8 मीट्रिक टन की माल ढुलाई के मुकाबले 130.66 मीट्रिक टन की प्रारंभिक माल ढुलाई की गई है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 3 प्रतिशत का सुधार प्रदर्शित करता है। इस माल ढुलाई से रेलवे को 14,573 करोड़ रुपये की आय हुई, जबकि दिसंबर 2021 में माल ढुलाई आय 12,914 करोड़ रुपये रही, जो पिछले वर्ष की तुलना में 13 प्रतिशत अधिक है। भारतीय रेल ने "हंग्री फॉर कार्गो" के मंत्र का पालन करते हुए व्यवसाय करने में आसानी के साथ-साथ प्रतिस्पर्धी मूल्यों पर सेवा वितरण में सुधार के लिए निरंतर प्रयास किए हैं।  इसके परिणामस्वरूप रेलवे में पारंपरिक और गैर-पारंपरिक वस्तुओं, दोनों प्रकार से नया ट्रैफिक आ रहा है। शीघ्र नीति निर्माण द्वारा समर्थित ग्राहक केंद्रित दृष्टिकोण और व्यवसाय विकास इकाइयों के कार्य ने रेलवे को इस ऐतिहासिक उपलब्धि को प्राप्त करने में सहायता की है।

कोई टिप्पणी नहीं: