बिहार : सीएम नीतीश कुमार गुरुवार को दरुआबारी से समाधान यात्रा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 4 जनवरी 2023

बिहार : सीएम नीतीश कुमार गुरुवार को दरुआबारी से समाधान यात्रा

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बगहा. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने दो दिवसीय प्रवास यात्रा पर बुधवार की शाम पश्चिमी चंपारण के वाल्मीकिनगर पहुंचे. सीएम नीतीश कुमार गुरुवार को दरुआबारी से समाधान यात्रा की शुरुआत करने वाले हैं. लिहाजा पूरा प्रशासनिक अमला चुस्त दुरुस्त है. वाल्मीकिनगर हवाई अड्डा पर सीएम नीतीश कुमार का भव्य स्वागत किया गया. वाल्मीकिनगर हवाई अड्डा पर मुख्यमंत्री को पुष्प-गुच्छ  भेंट कर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ,नेताओं एवं जिला प्रशासन द्वारा उनका अभिनंदन किया गया. उसके बाद सीएम कारकेट काफिले के साथ इंडो नेपाल सीमा पर स्थित वाल्मीकिनगर आईबी गेस्ट हाउस पहुंचे, जहां वे रात्रि विश्राम करेंगे. मुख्यमंत्री ने वाल्मीकिनगर में निर्माणाधीन इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का भ्रमण के क्रम में मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर का निर्माण कार्य जल्द पूरा करने का निर्देश दिया.  मुख्यमंत्री ने इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के मुआयना के पश्चात पत्रकारों से बातचीत की. मुख्यमंत्री ने समाधान यात्रा के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि विभिन्न जगहों पर जाकर हो रहे विकास कार्यों की प्रगति को देखेंगे. लोगों की बातों को भी सुनेंगे. इसके पहले हमने समाज सुधार अभियान के दौरान कई जगहों पर जाकर लोगों से बातचीत की थी और विकास कार्यों का जायजा लिया था. पर शराबबंदी को लेकर लोगों में काफी उत्साह है. शराबबंदी के प्रति अधिक से अधिक लोगों को निरंतर जागरूक और प्रेरित किया जा रहा है. इसके पश्चात मुख्यमंत्री ने गंडक बराज नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में गंडक नदी के डिस्चार्ज एवं जलस्तर के संबंध में जानकारी ली. गंडक नदी के मुआयना के क्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्य वर्षाे की तुलना में इस वर्ष गंडक नदी का जलस्तर काफी अच्छा है और पानी भी स्वच्छ है. मुख्यमंत्री ने नियंत्रण कक्ष में लगी महापुरुषों की तस्वीरों का मुआयना भी किया. मुख्यमंत्री ने बाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष का भी भ्रमण किया. निरीक्षण के दौरान वित्त वाणिज्य कर एवं संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी, जल संसाधन मंत्री संजय कुमार झा,विधान पार्षद भीष्म साहनी, विधान पार्षद श्री सौरभ कुमार, पूर्व विधान पार्षद राजेश राम, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव श्री दीपक कुमार, पुलिस महानिदेशक आरएस भट्टी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ एस सिद्धार्थ, मुख्यमंत्री के सचिव श्री अनुपम कुमार,सचिव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति विभाग देवेश सेहरा, मुख्यमंत्री के विशेष कार्य पदाधिकारी गोपाल सिंह, आयुक्त, तिरहुत प्रमंडल के पंकज कुमार, पुलिस उपमहानिरीक्षक चंपारण रेंज श्री प्रणव कुमार प्रवीण, पश्चिम चंपारण के प्रभारी जिलाधिकारी उप विकास आयुक्त अनिल कुमार, पुलिस अधीक्षक पश्चिम चंपारण उपेंद्र नाथ वर्मा पुलिस अधीक्षक बगहा श्री किरण कुमार गोरख जाधव सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति अन्य पदाधिकारी गण उपस्थित थे. बता दें साल 2000 में पहली बार मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बने थे.बिहार के सीएम 3 मार्च 2000 को नीतीश कुमार ने पहली बार एनडीए की तरफ से बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. लेकिन बहुमत साबित नहीं कर पाने की वजह से सात दिन में ही कुर्सी चली गई.मई 2000 से मई 2004 तक नीतीश कुमार केंद्र में पहले रेल और फिर कृषि मंत्री रहे. 2004 में नालंदा से लोकसभा चुनाव जीता और लोकसभा में जेडीयू संसदीय दल के नेता बने.2005 में दूसरी बार बने मुख्यमंत्री रू नीतीश कुमार ने साल 2005 में हुए मध्यावधि चुनाव में आरजेडी को हराकर पहली बार बहुमत हासिल किया और पूरे 5 साल तक पद पर बने रहे. 2010 में फिर मिली जीत रू नीतीश कुमार की अगुवाई में एनडीए ने साल 2010 के विधानसभा चुनाव में बड़ी जीत हासिल की और वे फिर से मुख्यमंत्री बने.2013 में छक्। का साथ छोड़ा रू नीतीश कुमार ने 2013 में नरेंद्र मोदी को पीएम पद का उम्मीदवार बनाए जाने के बाद एनडीए का साथ छोड़ दिया. 2014 के लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद नीतीश कुमार ने सीएम का पद छोड़कर अपने ही दल के जीतन राम मांझी को मुख्यमंत्री बना दिया. 2015 में मांझी से अनबन के कारण नीतीश कुमार ने एक बार फिर से बिहार की कमान अपने हाथ में ले ली. इसके लिए उन्होंने फरवरी 2015 में चौथी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. 2015 के विधानसभा चुनाव में नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू ने आरजेडी और कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ा और बड़ी जीत हासिल की. नीतीश कुमार ने 20 नवंबर 2015 को महागठबंधन के नेता के तौर पर पांचवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.2017 में महागठबंधन से अलग हुए रू नीतीश कुमार ने लालू परिवार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हुए सीएम पद से इस्तीफा दिया. इसके बाद फौरन बाद उन्होंने बीजेपी के समर्थन से छठी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. 2020 में सातवीं बार मुख्यमंत्री बने रू नीतीश कुमार ने 2020 में बीजेपी के साथ मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ा, जिसमें उनकी पार्टी को सिर्फ 43 सीटें मिलीं. लेकिन बीजेपी ने बड़ा दल होने के बावजूद नीतीश कुमार को ही सातवीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलवाई. 9 अगस्त 2022 को छक्। से अलग हुए रू नीतीश कुमार ने बीजेपी पर अपनी पार्टी को तोड़ने का आरोप लगाया और एनडीए से रिश्ता तोड़ते हुए सीएम पद से इस्तीफा दे दिया. 10 अगस्त 2022 को 8वीं बार बने मुख्यमंत्री इस्तीफा देने के अगले ही दिन नीतीश कुमार ने आरजेडी, कांग्रेस और लेफ्ट के समर्थन से एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ ली.


अपने आठवीं मुख्यमंत्रित्व काल में नीतीश कुमार कई बार यात्रा की है. सबसे पहले 

* 12 जून 2005 में, कुमार ने पहली बार न्याय यात्रा का आयोजन किया.

* करीब चार साल बाद 9 जनवरी 2009 से नीतीश कुमार ने विकास यात्रा की शुरुआत की.

* इसके बाद 17 जून 2009 से धन्यवाद यात्रा.

* 25 दिसंबर 2009 से प्रवास यात्रा की शुरुआत की.

* 28 अप्रैल 2010 से विश्वास यात्रा के बाद हुए विधानसभा चुनाव में उन्हें भारी सफलता मिली.

* सेवा यात्रा की शुरुआत 9 नवंबर 2011 से की.

* 19 सितंबर 2012 से अधिकार यात्रा पर निकले.

* 2013 में, उन्होंने बिहार की विशेष स्थिति के लिए दबाव बनाने के लिए अधिकार यात्रा की.

* 5 मार्च 2014 से संकल्प यात्रा की शुरुआत की.

*  13 नवंबर 2014 से वे संपर्क यात्रा पर निकले.

* निश्चय यात्रा की शुरुआत उन्होंने 9 नवंबर 2016 से की.

* समीक्षा यात्रा की शुरुआत 12 दिसंबर 2017 की.

* जल-जीवन-हरियाली यात्रा 3 दिसंबर 2019 से शुरू की.

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