बिहार : दोषमुक्त करने की कृपा किया जाए - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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शुक्रवार, 13 जनवरी 2023

बिहार : दोषमुक्त करने की कृपा किया जाए

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पटना. बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ के महासचिव अशोक कुमार सिंह ने परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. को पांच महीने से वेतनादि नहीं मिलने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से बातचीत करते आ रहे थे.बातचीत असफल होने पर चेतावनी पत्र दिया गया कि अगर 10 जनवरी 2023 तक लंबित वेतन भुगतान नहीं होता है तो बाध्य होकर 11 जनवरी को एक दिवसीय कार्य बहिष्कार किया जाएगा.बिहार सरकार के नौकरशाहों ने महासंघ के अल्टीमेटम को हल्के में लिया.कार्यालय में हीटर और एसी में रहने वाले अधिकारियों ने घरों में ठंडक से बचने के लिए कश्मीरी दोशाले ओढ़कर पड़े रहे.जिसके कारण एक दिवसीय कार्य बहिष्कार सफल हो गया.ए.एन.एम. धरना देते समय नारा बुलंद करते रहे कि ‘हम भारत की नारी हैं ,फूल नहीं चिंगारी हैं‘अब नौकरशाहों के द्वारा लंबित वेतनादि भुगतान करने वाली ए.एन.एम. दीदियों से कारण बताओं का आदेश निर्गत कर दिया है.


कोरोना वॉरियर्स ए.एन.एम. में कईयों को कोरोना का शिकार होना पड़ा

विश्वव्यापी कोरोना काल के प्रथम और द्वितीय चरण में परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम.ने जोरदार ढंग से कार्य किया है. जोरदार ढंग से काम करने वाली कोरोना वॉरियर्स , ए.एन.एम. में कईयों को कोरोना का शिकार होना पड़ा.वह भी एक बार नहीं दो बार चपेट में आना पड़ा. जनता के बीच में जाकर क्षेत्रीय कार्यकर्ताओं को लोगों के बीच में काम करना पड़ता है.ऐसे में कोरोना से बचाव करने के लिए ए.एन.एम.को इम्युनिटी बढ़ाते रहना चाहिए. मगर दुर्भाग्य से राज्य सरकार के द्वारा पिछले पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है.इससे वेतनभोगी और उनके परिवार के लोग परेशान हैं.


यह तो अगड़ाई है, आगे शेष लड़ाई है

बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ के आह्वान पर दुल्हिन बाजार पीएससी, धनरूआ पीएचसी.नौबतपुर पीएचसी,फुलवारीशरीफ पीएचसी,पटना सदर पीएचसी,दानापुर पीएचसी,मनेर पीएचसी आदि की हजारों ए.एन.एम.दीदी 11 जनवरी को ठंडक में धरना देकर कार्य बहिष्कार करते समय नारा बुलंद किये कि ‘यह तो अगड़ाई है,आगे शेष लड़ाई है‘ के आलोक में बिहार चिकित्सा एवं जन -स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिला मंत्री अमित कुमार मिश्रा ए.एन.एम.दीदियों के समर्थन में मैदान में कूद पड़े हैं.उन्होंने ऐलान किया है कि बिहार चिकित्सा एवं जन -स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने असैनिक शल्य चिकित्सा सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी को पत्र लिखकर कहा है कि ‘ काम नहीं तो वेतन नहीं‘ की तर्ज पर ‘वेतन नहीं तो काम नहीं‘ के तहत सरकारी नियमों के अनुसार 14 दिन पूर्व कार्य बहिष्कार करने की सूचना दी जा रही है. आगे जिला मंत्री ने कहा है कि शीर्ष 2211 में एवं शीर्ष 2011 के पांच पद में विगत 04 से 05 माह से आवटन नहीं रहने के कारण कर्मचारियों का वेतन लंबित है. ‘काम नहीं तो वेतन नहीं‘ की तर्ज पर ‘वेतन नहीं तो काम नहीं‘ की तर्ज पर दिनांक 27 जनवरी 2023 से वेतन भुगतान होने तक बिहार चिकित्सा एवं जन -स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले कार्य बहिष्कार किया जाएगा.उन्होंने आग्रह किया है कि आपसे अनुरोध है कि 14 दिनों के अंदर बकाया वेतन का भुगतान अपने स्तर से कराने का कष्ट करेंगे अन्यथा बाध्य होकर दिनांक 27 जनवरी 2023 से वेतन भुगतान होने तक अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार किया जाएगा जिसकी जवाबदेही प्रशासन की होगी.इसके पहले 5 जनवरी को बिहार चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने गर्दनीबाग में धरना - प्रदर्शन किया था.


प्रभारी चिकित्सा प्रभारी नोटिस अग्रसारित किया

लंबित वेतन की मांग को दरकिनार कर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र,पुनपुन पटना के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी ने एक दिवसीय कार्य बहिष्कार करने वाले क्षेत्रीय ए.एन.एम.को नियमित टीकाकरण कार्य बाधित करने का आरोप लगाकर ए.एन.एम.को दो दिनों के अंदर अपना-अपना स्पष्टीकरण अधोहस्ताक्षरी को सौंपना सुनिश्चित करने को कहा है.वास्तव में एक दिवसीय कार्य बहिष्कार से बौखलाकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के प्रभारी ने ए.एन.एम. लोगों को कार्य में लापरवाही का आरोप लगाकर 48 घंटे में स्पष्टीकरण देने का फरमान जारी कर दिया है.फरमान में कहा गया है कि क्यों नहीं विभागीय कार्यवाही के लिए उच्चाधिकारी को लिखा जाए.नोटिस में आगे कहा गया है कि आप सभी क्षेत्रीय ए.एन.एम. जिनका आरआई माइक्रो प्लान में दिनांक 11.01.2023 के आरआई एवं टेलीमेडिसिन करना था.लेकिन आप लोगों के द्वारा नहीं किया गया.आगे ए.एन.एम. का नाम लिखा गया है जिनको आरआई और टेलीमेडिसिन का कार्य करना था. अल्लाउद्दीनचक की रेखा कुमारी और सुधा कुमारी कहती है कि हुजूर! आप लोगों ने वेतन भुगतान नहीं कर रहे हैं. एक-एक माह करके पांच माह गुजर गया है. इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है. हमलोगों के संरक्षण बनकर महासंघ के नेतृत्व करने वालों ने पत्र लिखकर लंबित वेतन भुगतान 10 जनवरी तक कर देने का आग्रह किया था. इस पर भी ध्यान नहीं दिया गया.आखिर हम लोग क्या करें. खुद को और परिवार को देखना है. लंबित वेतन दे देते थे,तो मसला समाप्त हो जाता.जो कार्यालय में हीटर चलाकर मिस्टर बैठे हैं कोई ध्यान ही नहीं दे रहे हैं.


नियमित वेतन देना होगा

बिहार में परिवार कल्याण केंद्र सरकार के द्वारा प्रायोजित योजना संचालित है. इसमें केंद्रांश 60 प्रतिशत व राज्यांश 40 प्रतिशत राशि शीर्ष 2211 में डाला जाता है.तब जाकर कोरोना वॉरियर्स को वेतनादि मिलता है.पटना जिले के 23 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के साथ हजारो वेतनभोगियों को पांच माह से वेतन नहीं मिल रहा है. कहा जाता है कि इस समय बिहार में महागठबंधन सरकार है.जबतक केंद्र और राज्य में एन.डी.ए.की सरकार थी,तबतक परिवार कल्याण क्षेत्रीय कार्यकर्ता ए.एन.एम. का वेतनादि शामिल समय अंतराल में मिल जाता था.जैसे ही सरकार बदली वैसे ही वेतन मिलना बंद हो गया है.पिछले पांच माह से ए.एन.एम. का वेतन भुगतान नहीं हो रहा है. इससे ए.एन.एम. परेशान हैं.एक तरह से कह सकते हैं कि उनका विकास का पहिया जाम हो गया है.  


एक काम तो दो शीर्ष खाता क्यों ?दो शीर्ष खाता को एक करना होगा  

स्वास्थ्य विभाग के सेक्शन-12 के कर्मियों ने जानकारी दी है कि यह सही है कि ऑक्सिलरी नर्स मिडवाइफ (ए. एन. एम.) का वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है. सूबे की ए.एन.एम. को दो हिस्से में बांट कर रखा गया है. एक हिस्से का पालनहार बिहार सरकार है तो दूसरे हिस्से के तारणहार केंद्र और सरकार है. बिहार सरकार की ओर से पूरी राशि 2210 हेड में जाता है. वहीं केंद्र सरकार की ओर से केंद्रीयांश 60 प्रतिशत और राज्य सरकार की ओर से राज्यांश 40 प्रतिशत 2211 हेड में जाता है. केंद्रीयांश नहीं आने के कारण 2211 हेड वाले ए.एन.एम.कर्मियों का वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है. वहीं बिहार सरकार 2210 हेड वालों को दो-तीन माह के बाद वेतन दे दिया जाता है. मजे की बात है कि बिहार सरकार ने 2210 हेड वाली ए.एन.एम.का वेतन भुगतान कर दी है. स्वास्थ्य विभाग के कर्मियों का कहना है कि केंद्रीयांश नहीं आने के कारण 2211 हेड वाले कर्मियों को वेतन भुगतान नहीं किया जा रहा है। यह बताया कि राज्य सरकार ने निर्णय ली है कि बिना केंद्र सरकार के द्वारा केंद्रीयांश नहीं आने पर राज्यांश की राशि नहीं जोड़ी जाएगी.इसके पहले केंद्रीयांश नहीं आने पर भी राज्य सरकार राशि विमुक्त करके वेतन दे देती थी.अब ऐसा नहीं करने से ए.एन.एम.कर्मियों का वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है.इसके कारण वेतन भुगतान नहीं हो पा रहा है.सीएम नीतीश कुमार से आग्रह किए हैं कि बिहार सरकार ही 2211 हेड का पालनहार बनकर प्रत्येक महीने वेतन देने की व्यवस्था करें.                    

नियमित वेतन नहीं तो मुआवजा देना होगा

और सरकार बदली वैसे ही वेतन मिलना बंद हो गया है.पिछले पांच माह से ए.एन.एम. का वेतन भुगतान नहीं हो रहा है. इससे ए.एन.एम. परेशान हैं.एक तरह से कह सकते हैं कि उनका विकास का पहिया जाम हो गया है.वेतन /मानदेय का भुगतान पांच महीनों से लंबित रहने के कारण बच्चों के स्कूल से नाम काट दिया गया है. राशन दुकानदार द्वारा बकाया नहीं दिए जाने के कारण नहीं दी जा रही है, इतना ही नहीं अगर वेतन व वेतन की पर्ची के अभाव में बैंकों के द्वारा ऋण भी नहीं दी जा रही है.कर्मियों के इलाज एवं दवा भी काफी योगदान है पूर्व से लिए गए बैंक ऋण की वसूली नहीं हो पाने के कारण बैंकों द्वारा तरह-तरह की यातनाएं भी दी जा रही है. ऐसी स्थिति में कलियों में भुखमरी के साथ रोग का भी प्रभाव बढ़ रहा है जिससे कर्मचारियों में काफी क्षोभ है. स्वास्थ्य विभाग के ए.एन.एम. दीदियों का कहना है कि हम लोग वेतनभोगी हैं प्रत्येक कार्य वेतन पर ही निर्भर है.वेतन नहीं मिलने के कारण महाजन से ऋण लिया जा रहा है.उनको चक्रब्याज देना पड़ रहा है.ऐसी स्थिति में सरकार वेतन नहीं दे रही है तो सरकार मुआवजा दें.


ए.एन.एम.का प्रतिउत्तर 

निवेदन पूर्वक प्रासंगिक पत्र के आलोक में कहना है कि विगत पांच महीनों से अकारण मेरा वेतन अवरूद्ध रहने के कारण बिहार राज्य कर्मचारी महासंघ पटना के पत्रांक 0/23 (A) दिनांक 04/01/2023 के द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारीगण को दिनांक 10/01/2023 तक वेतन भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की गयी थी.उक्त तिथि तक वेतन भुगतान नहीं होने की स्थिति में दिनांक 11/01/2023 को कार्य बहिष्कार की सूचना भी दी गयी थी.इसी परिपेक्ष में मैंने भी पूर्व में सामूहिक रूप से दिनांक 11/01/2023 को कार्य बहिष्कार की सूचना आपको भी दी थी.लंबी अवधि से वेतनादि का भुगतान न होने के कारण मैं मानसिक,आर्थिक एवं सामाजिक रूप से परेशान हो गयी हूं.दिनांक 11/01/2023 को होने वाला कार्य दिनांक 12/01/2023 को मुझसे संपादित भी कर दिया गया है.कार्य बहिष्कार करना मेरे लिए जन्य हो गयी है.पूर्व में सूचना दे कर कार्य का बहिष्कार किया गयी जो की किसी भी दृष्टिकोण से अनुसूचित प्रतीत नहीं होता है. अत: उपरोक्त के आलोक में आग्रह है कि मेरे द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण से पूर्णत: संतुष्ट होते हुए मुझे दोषमुक्त करने की कृपा किया जाए एवं उक्त तिथि का वेतन अवरूद्ध नहीं किया जाए.इस कार्य के लिए मैं आपकी सपरिवार सदा अभारी रहूंगी.

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