पटना : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल NGT ने ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन करने में विफल रहने के लिए बिहार सरकार पर 4 हजार करोड़ रुपये का जुर्माना ठोका है। न्यायमूर्ति एके गोयल की अध्यक्षता वाली ग्रीन ट्रिब्यूनल पीठ ने बिहार सरकार को आदेश दिया कि वह उपरोक्त जुर्माने की राशि को दो महीने के भीतर जमा कराए। पीठ में जस्टिस गोयल के अलावा न्यायमूर्ति सुधीर अग्रवाल, न्यायमूर्ति अरुण त्यागी और विशेषज्ञ सदस्य अफरोज अहमद व ए सेंथिल वेल शामिल हैं ग्रीन ट्रिब्यूनल पीठ ने यह भी कहा कि बिहार सरकार वैज्ञानिक रूप से ठोस और तरल कचरे का प्रबंधन हर हाल में करे। जुर्माने की राशि का उपयोग ठोस अपशिष्ट प्रसंस्करण सुविधाओं की स्थापना, पुराने कचरे के निस्तारण, सीवेज ट्रीचमेंट प्लांट की स्थापना और मल कीचड़ और सेप्टेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना के लिए किया जाएगा। इससे बिहार में बेहतर अपशिष्ट प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सकेगा।
शनिवार, 6 मई 2023
बिहार : नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने बिहार सरकार पर लगाया 4 हजार करोड़ का जुर्माना
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