मधुबनी : जिले में बाल श्रम की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 3 जून 2023

मधुबनी : जिले में बाल श्रम की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश

Atop-child-labour-madhubani
मधुबनी, जिलाधिकारी अरविन्द कुमार वर्मा द्वारा जिले में बाल श्रम की रोकथाम के लिए व्यापक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। इसके आलोक में आज श्रम अधीक्षक राकेश रंजन के नेतृत्व में जिले के पंडौल प्रखंड में बाल श्रमिकों की विमुक्ति हेतु  धावा दल के द्वारा विभिन्न दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में सघन जांच अभियान चलाया गया। इस क्रम में रंजन मोटर साइकिल दुकान पंडौल से एक बाल श्रमिक, स्वीट होम पंडौल से एक बाल श्रमिक, कन्हैया स्वीटस होम पंडौल से दो बाल श्रमिक, संजीत मोटर साइकिल गैरेज पंडौल से दो श्रमिक सहित कुल छह बाल श्रमिकों को विमुक्त कराया गया । श्रम अधीक्षक ने बताया कि विमुक्त बाल श्रमिकों को बाल कल्याण समिति, मधुबनी के समक्ष उपस्थापित कर निर्देशानुसार उन्हें बाल गृह में रखा गया है । बाल एवं किशोर श्रम ( प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम  1986 के तहत  नियोजक के विरुद्ध पंडौल थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अतिरिक्त धावा दल  द्वारा सदर अनुमंडल क्षेत्र के पंडौल प्रखंड के कई दुकानों एवं प्रतिष्ठानो में सघन जांच की गई तथा सभी नियोजको से किसी भी बाल श्रमिक को नियोजित नहीं करने हेतु एक शपथ पत्र भरवाया गया। उन्होंने कहा कि बाल श्रमिकों से किसी भी दुकान या प्रतिष्ठान में कार्य कराना बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 के अंतर्गत गैरकानूनी है तथा बाल श्रमिकों से कार्य कराने वाले व्यक्तियों को ₹20000 से ₹50000 तक का जुर्माना और 2 वर्षों तक के कारावास का प्रावधान है । इसके अतिरिक्त माननीय सर्वोच्च न्यायालय के द्वारा एम सी मेहता बनाम तमिलनाडु सरकार 1996 में दिए गए आदेश के आलोक में  नियोजकों से ₹20000 प्रति बाल श्रमिक की दर से अलग से राशि की वसूली की जाएगी जो जिलाधिकारी के पदनाम से संधारित जिला बाल श्रमिक पुनर्वास सह कल्याण कोष में जमा किया जाएगा । इस राशि को जमा नहीं कराने वाले नियोजक के विरुद्ध एक सर्टिफिकेट केस या नीलाम पत्र वाद अलग से दायर किया जाएगा । आज की इस धावा दल टीम के सदस्य के रूप में मिहिर कुमार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी पंडौल, गोविंद कुमार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी रहिका, संतोष कुमार पोद्दार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी घोघरडीहा,  अमित कुमार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी अंधराठाढ़ी, सिद्धार्थ कुमार श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी हरलाखी, हितेश कुमार भार्गव श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी खजौली, प्रेम कुमार साह श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी जयनगर, चाइल्डलाइन के प्रतिनिधि रत्ना कुमारी, ग्राम विकास युवा ट्रस्ट मधुबनी के प्रतिनिधि, आश्रय संस्था मधुबनी के जिला समन्वयक समीर पॉल,  सर्वों प्रयास संस्थान मधुबनी से पूनम देवी, किरण कुमारी,  एंटी ह्यूमन टेफिकिंग यूनिट मधुबनी के सदस्य , पुलिस लाइन एक पुलिस पदाधिकारी एवं कई पुलिसकर्मी एवं पंडौल थाना के पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी शामिल थे।

कोई टिप्पणी नहीं: