मधुबनी : राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी यक्ष्मा डॉ बाल कृष्ण मिश्र ने सभी सिविल सर्जन को दिये निर्देश - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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गुरुवार, 9 नवंबर 2023

मधुबनी : राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी यक्ष्मा डॉ बाल कृष्ण मिश्र ने सभी सिविल सर्जन को दिये निर्देश

  • 30 नवंबर तक ट्रीटमेंट आउटकम को निक्षय पोर्टल पर अपलोड करें 
  • कम टीबी ट्रीटमेंट सक्सेस रेट वाले जिलों पर रखी जायेगी नजर 
  • जिले में टीबी ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 85 प्रतिशत से कम मिला

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मधुबनी, जिले में टीबी रोगियों के ईलाज को लेकर स्वास्थ्य विभाग सजग है. इसके लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरंतर टीबी ट्रीटमेंट सक्सेस रेट की समीक्षा की जा रही है. समीक्षा के क्रम स्वास्थ्य विभाग ने उन जिलों को चिन्हित किया है जहां टीबी मरीजों का ट्रीटमेंट सक्सेस रेट कम पाया गया है. उन जिलों के सिविल सर्जन को टीबी ट्रीटमेंट सक्सेर रेट बढ़ाने के लिए हरसंभव आवश्यक कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है. रोगियों को दवा के कोर्स पूरा करने के लिए प्रेरित ​करने, ट्रीटमेंट आउटकम को निक्षय पोर्टल पर प्रविष्ट करने और टीबी रोगियों को नोटिफाई करने संंबंधी जरूरी निर्देश दिये गये हैं. राज्य स्वास्थ्य समिति के अपर निदेशक सह राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी यक्ष्मा डॉ बाल कृष्ण मिश्र ने इस संबंध में सिविल सर्जन डॉक्टर नरेश कुमार भीमसारिया को राष्ट्रीय यक्ष्मा उन्मूलन कार्यक्रम के तहत वर्ष 2022 में अधिसूचित टीबी रोगियों के उपचार का परिणाम 90 प्रतिशत से कम होने की स्थिति में आवश्यक कार्रवाई करने के लिए निर्देशित किया है. 


20 जिलों में ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 90 प्रतिशत से कम:

जारी पत्र में कहा गया है कि जनवरी से सितंबर 2022 तक कुल अधिसूचित टीबी रोगियों की संख्या एक लाख 22 हजार 816 थी. जिसमें एक लाख एक हजार 342 मरीजों का ट्रीटमेंट किया गया. यह निर्धारित लक्ष्य 90 प्रतिशत से कम है. राज्य के 20 जिले में पब्लिक और प्राइवेट स्वास्थ्य संस्थानों में टीबी रोगियों का ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 85 प्रतिशत से भी कम पाया गया है. पत्र में कहा गया है कि सुपौल, नवादा, मधुबनी, मधेपुरा, किशनगंज, जुमई, अररिया जैसे सात जिलों में पब्लिक सेक्टर तथा प्राइवेट सेक्टर दोनों में टीबी रोगियों का ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 80 प्रतिशत से कम है. वहीं 20 जिलों में पब्लिक सेक्टर द्वारा अधिसूचित टीबी रोगियों का ट्रीटमेंट सक्सेस रेट 80 प्रतिशत से कम है. बेगूसराय और औरंगाबाद का प्राइवेट सेक्टर द्वारा अधिसूचित टीबी रोगियों का ट्रीटमेंट सक्सेर रेट 80 प्रतिशत से कम है. पत्र में कहा गया है​ कि समीक्षा के क्रम में यह पाया गया है कि जनवरी से सिंतबर 2022 में 282 टीबी यूनिट तथा जनवरी से सितंबर 2023 तक 236 टीबी यूनिट में प्राइवेट सेक्टर से एक भी टीबी रोगी का नोटिफिकेशन नहीं किया गया. 


सिविल सर्जन करेंगे ​ट्रीटमेंट सक्सेस रेट की समीक्षा:  

पत्र में कहा गया है कि इसके लिए सिविल सर्जन अपने स्तर से अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी तथा संचारी रोग क साथ समीक्षा कर निर्धारित लक्ष्य से कम उपलब्धि वाले प्रखंडों या टीबी यूनिट को चिन्हित कर 30 नवंबर तक ट्रीटमेंट आउटकम को निक्षय पोर्टल पर प्रविष्टि कराये जाने के लिए सभी एसटीएस को निर्देशित करें. उपचाररत रोगियों को दवा के कोर्स पूरा करने के लिए निरंतर प्रेरित करने के लिए कहा जाये. प्राइवेट सेक्टर से टीबी नोटिफिकेशन कम है. लक्ष्य को पूरा करने के लिए चिन्हित प्राइवेट चिकित्सकों जिनके यहां टीबी रोगी उपचार कराते हैं, उनसे मिलकर पिछले छह माह के सभी टीबी रोगियों जिनको अब तक नोटिफाइड नहीं किया जा सका है, उन्हें निक्षय वेब पोर्टल पर प्रविष्टि कर टीबी नोटिफिकेशन लक्ष्यों की प्राप्ति संबंधी निर्देश दिया जायेा. 


80 प्रतिशत से कम ट्रीटमेंट सक्सेस रेट वाले जिला:  

पटना 49 %

किशनगंज 60% 

अररिया 64% 

सहरसा 64% 

पश्चिम चंपारण 66 %

नालंदा 71 %

शेखपुरा 72%

मुंगेर 73%

सारण 73%

पूर्वी चंपारण 74%

मधेपुरा 74%

समस्तीपुर 75% 

मुजफ्फरपुर 76% 

सुपौल 76% 

दरभंगा 77% 

मधुबनी 77% 

नवादा 78% 

जमुई 78% 

कटिहार 79% 

गोपालगंज 79%

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