मुजफ्फरपुर : सड़क दुर्घटना में आशा कार्यकर्ता की मौत - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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रविवार, 24 दिसंबर 2023

मुजफ्फरपुर : सड़क दुर्घटना में आशा कार्यकर्ता की मौत

  • सरकार और बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ के बीच समझौता लागू नहीं

Road-accident-muzaffarpur
मुजफ्फरपुर : बिहार में लगभग 1 लाख आशा कार्यकर्ताओं और आशा फैसिलिटेटर अनिश्चितकालीन हड़ताल थे. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ - गोप-ग्रुप (एआईसीसीटीयू) के साथ आशा संयुक्त संघर्ष मंच के संयुक्त बैनर तले शुरू हुई थी.इसमें आशा एवं आशा फैसिलिटेटर यूनियन सबसे आगे रही.इसमें आशा कार्यकर्ता रानी कुमारी भी थी.वह कर्तव्य निर्वाह करके घर वापसी कर रही थीं.इस दरम्यान सड़क दुर्घटना में मारे जाने की खबर है.


आशा कार्यकर्ता की मौत

मुजफ्फरपुर जिले के रामनगर गायघाट में रानी कुमारी रहती है.यहां की आशा कार्यकर्ता रानी कुमारी ने एक गर्भवर्ती महिला काे लेकर मुजफ्फरपुर जिले में स्थित एसकेएमसीएच में गई थी.डिलीवरी को पहुंचाने के बाद रानी कुमारी घर लौट रही थी.घर वापसी समय ट्रक व टेम्पों में टक्कर हो गई.जिसके कारण रानी कुमारी की,दुर्घटना स्थल पर ही मौत हो गई.


वास्तव में यह बहुत ही दुखद घटना 

विनम्र श्रद्धांजलि, इनके परिवार को ये दुख सहने की ताकत मिले। आशा कार्यकर्ता रानी कुमारी के पति से संबंध खराब हो जाने से पति ने रानी कुमारी को छोड़ दिया है. रानी की दो बेटी है.आशा के काम के बल पर अपने परिवार चला रहीं थी.उन दोनों का पालन पोषण कर रही थी.अब सवाल है कि पति छोड़ कर बाहर चल गया है,अब दो लड़कियों को कौन संभालेगा?


अभी तक लागू

महागठबंधन की सरकार कहाँ सोई है जो फैसला भी हुआ अभी तक लागू नहीं किया गया.आशा कार्यकर्ता इस ठंड में जान दे कर भी काम कर रहीं है.सरकार जल्द से जल्द फैसले को लागू करें और दोनों बच्चों जिंदगी में बहार लाने की कोशिश करें. 

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