सीहोर : सस्ती व सतत ऊर्जा की आपूर्ति किसी भी देश की तरक्की के लिए सबसे ज्यादा जरूरी : कुलभूषण बग्गा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

मंगलवार, 30 जनवरी 2024

सीहोर : सस्ती व सतत ऊर्जा की आपूर्ति किसी भी देश की तरक्की के लिए सबसे ज्यादा जरूरी : कुलभूषण बग्गा

  • शासकीय एमएलबी विद्यालय में एलपीजी पंचायत में विद्यार्थियों को दी हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा की जानकारी

Kulbhushan-bagga-sehore
सीहोर। सस्ती व सतत ऊर्जा की आपूर्ति किसी भी देश की तरक्की के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। परंपरागत ऊर्जा के स्रोत सूखते जा रहे हैं। इसलिए जरूरी है कि ऊर्जा के नए स्रोत विकसित किए जाए जो पर्यावरण हितैषी भी हों। उक्त विचार शहर के शासकीय एमएलबी विद्यालय में मंगलवार को हिन्दुस्थान पेट्रोलियम कापोरेशन लिमिटेड के तत्वाधान में हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा एलपीजी पंचायत का आयोजन के दौरान भाजपा नेता कुल भूषण बग्गा ने यहां पर मौजूद बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि देश में ईधन संरक्षित तो भविष्य सुरक्षित अभियान चलाया जा रहा है। भाजपा नेता श्री बग्गा ने कहा कि विकास के इंजन को जारी रखने के लिए मानव ने जीवाश्मीय ईंधनों का जमकर दोहन किया है। अब स्थिति ब्रेकिंग प्वाइंट पर पहुंच चुकी है और दुनिया पर ऊर्जा संकट के बादल मंडरा रहे हैं। पेट्रोलियम और गैस का इतना ज्यादा दोहन हुआ है कि उनके भंडार तेजी से कम हो रहे हैं। पेट्रोलियम व गैस के दोहन से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन होता है जिसकी वजह से हमारी धरती का अस्तित्व ही खतरे में दिखाई पड़ रहा है। एक अनुमान के अनुसार, सन 2030 तक ऊर्जा की वैश्विक मांग वर्तमान की तुलना में 50 से 60 फीसदी तक बढ़ जाएगी। इस समस्या का हल खोजना बेहद जरूरी है। हमें आज ऊर्जा के सतत अक्षय स्रोतों के विकास की जरूरत है जिसमें हाइड्रोजन फ्यूल सेलों से लेकर विंड टार्बाइन तक शामिल हैं जिससे आम जिंदगी का कामकाज सुचारू रूप से चल सके। कार्यक्रम के दौरान विशेष रूप से मौजूद स्वदेशी मंच के अरुषेंद्र शर्मा ने कहा कि एक मोटे अनुमान के अनुसार पेट्रोलियम के भंडार अगले 50 वर्र्षों के भीतर ही चुक जाएंगे। इसलिए हम एक बड़े ऊर्जा संकट के मुहाने पर खड़े हैं। पेट्रोलियम के पारंपरिक भंडार तेजी से चुक रहे हैं। जीवाश्मीय ईंधन ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन के सबसे बड़े स्रोत हैं। ग्रीनहाउस गैसों के उत्सर्जन से ही जलवायु परिवर्तन की समस्या पैदा हो रही है जिससे हमारी धरती का अस्तित्व ही खतरे में पड़ गया है। इसलिए ईधन की बचत बहुत जरूरी है। इससे पर्यावरण को हानि नहीं होगी। कार्यक्रम में एमएलबी की प्राचार्य रूप श्री नागेश, यूडीटी तस्लीम अंसारी सहित सैकड़ों ेकी संख्या में छात्राएं मौजूद थी। कार्यक्रम में सामूहिक रूप से संकल्प दिलाया गया। उक्त आयोजन हिन्दुस्तान पेट्रोलियम कापोरेशन लिमिटेड इंदौर एलपीजी क्षेत्रीय कार्यालय भोपाल विक्रय क्षेत्र भारत अभिकरण सीहोर के तत्वाधान में आयोजित किया गया था।

कोई टिप्पणी नहीं: