रांची महाधर्मप्रांत में 11 और 12 जनवरी को हर्ष का माहौल - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शनिवार, 13 जनवरी 2024

रांची महाधर्मप्रांत में 11 और 12 जनवरी को हर्ष का माहौल

  • डाल्टनगंज धर्मप्रांत में बिशप के रूप में बिशप थियोडोर मस्करेनस  का पदग्रहण
  • गुमला धर्मप्रांत के नवनियुक्त बिशप डॉक्टर फादर लीनुस पिंगल एक्का का   धर्माध्यक्षीय अभिषेक

Ranchi-arch-bishop
रांची . रांची महाधर्मप्रांत में 11 और 12 जनवरी को हर्ष का माहौल रहा.डाल्टनगंज धर्मप्रांत में बहुत दिनों के बाद स्थायी बिशप के रूप में बिशप थियोडोर मस्करेनस मिले.वहीं गुमला धर्मप्रांत के नवनियुक्त बिशप डॉक्टर फादर लीनुस पिंगल एक्का का   धर्माध्यक्षीय अभिषेक एवं पदग्रहण समारोह संपन्न हुआ. गुरुवार 11 जनवरी को डाल्टनगंज धर्मप्रांत में चौथे धर्माध्यक्ष का पद ग्रहण समारोह संपन्न हुआ. उक्त कार्यक्रम में, बिशप थियोडोर मस्करेनस को धर्माध्यक्ष के रूप में घोषित कर कार्यभार सौंपा गया. इस कार्यक्रम में संत पिता फ्रांसिस के भारत और नेपाल के राजदूत राजदूत आर्चबिशप लियोपोल्डो जिरेल्ली की उपस्थिति में रांची के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो की अध्यक्षता में गठित हुआ. मिस्सा बलिदान के भव्य समारोह में भारत के 22 बिशप गण, सैकड़ों की संख्या में पुरोहित गण एवं 10000 आस पास लोक धर्मी उपस्थित हुए. संत जोसेफ हायर सेकेंडरी स्कूल, महुआडांड़ पल्ली के प्रांगण में विधिवत तरीके से आयोजित इस कार्यक्रम में बक्सर धर्मप्रांत के बिशप डॉक्टर जेम्स शेखर के साथ, बक्सर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर अनिल, शाहपुर पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर भास्कर बोज्जा एवं सोहांव पल्ली के पल्ली पुरोहित फादर विक्टर डेनिस भी मौजूद थे. साथ साथ, पटना के आर्चबिशप सेबास्टियन कल्लूपुरा एवं मुजफ्फरपुर के बिशप केजिटन फ्रांसिस ओस्ता भी उपस्थित थे.

   

वहीं शुक्रवार को संत पात्रिक पारिश मैदान सिसई रोड गुमला में आयोजित बिशप अभिषेक समारोह में रोम से संत पापा के राजदूत आर्चबिशप लियोपोल्डो जिरेल्ली भी शामिल हुए. इसके साथ ही देश भर से विभिन्न राज्यों के 20 धर्मप्रांतों के 20 बिशप एवं विभिन्न धर्मसमाजों के पुरोहित व धर्म बहनें एवं ख्रीस्त विश्वासी शामिल हुए. समारोह में धर्माध्यक्षीय अभिषेक के मुख्य अभिषेककर्ता रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो, सह अभिषेककर्ता सिमडेगा धर्मप्रांत के बिशप विंसेंट बरवा व हजारीबाग धर्मप्रांत के बिशप आनंद जोजो ने धार्मिक विधियों के बीच डॉक्टर फादर लीनुस पिंगल एक्का का धर्माध्यक्षीय अभिषेक कराया. धर्माध्यक्षीय अभिषेक के बाद सभी ख्रीस्त विश्वासियों के बीच परम प्रसाद का वितरण किया गया. इस दौरान परम प्रसाद ग्रहण करने के लिए विश्वासियों की लंबी कतार लगी थी. मौके पर राजदूत आर्चबिशप लियोपोल्डो जिरेल्ली ने नवनियुक्त बिशप को बधाई दी एवं गुमला धर्मप्रांत में कलीसिया की सेवा के लिए शुभकामनाएं दी. भारत और नेपाल के राजदूत ने कहा कि गुमला धर्मप्रांत बड़ा कलीसिया है. इस धर्मप्रांत के 39 पल्लियों में चर्च हैं. इनमें सैकड़ों धर्मसंघी पुरोहित व धर्मबहनें एवं प्रचारक हैं, जो विभिन्न रूपों में कलीसिया की सेवा कर रहे हैं. अब इनकी जिम्मेवारी गुमला के नवनियुक्त बिशप डॉक्टर फादर लीनुस पिंगल एक्का को दी गई है. उन्होंने कहा कि आपसी सहयोग से ही कलीसिया आगे बढ़ेगा. उन्होंने गुमला धर्मप्रांत में सेवा दे रही मिशनरीज के कार्यों की सराहना की. साथ ही और बेहतर करने के लिए प्रेरित किया. कहा कि यहां मिशनरीज की संस्थाएं शिक्षा के क्षेत्र में काफी अच्छा काम कर रहीं हैं. गुमला धर्मप्रांत में लगभग 290 स्कूल मिशनरीज की ओर से संचालित हो रहीं हैं. इन्हें बेहतर शिक्षा दें, ताकि यीशु ख्रीस्त के सुसमाचार को जन-जन तक पहुंचा सकें.

       

आर्चबिशप रांची महाधर्मप्रांत के आर्चबिशप फेलिक्स टोप्पो ने नवनियुक्त बिशप को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यीशु ख्रीस्त धरती पर अपने कार्यों के लिए मनुष्यों में से ही किसी का चुनाव करते हैं. उसी प्रकार गुमला धर्मप्रांत के लिए बिशप लीनुस पिंगल एक्का गड़ेरिया के रूप में चुने गये हैं. वे अब गुमला धर्मप्रांत को अपनी सेवा देंगे. उनके लिए ईश्वर से प्रार्थना करें, ताकि नवनियुक्त बिशप को उनके कार्यों के लिए ईश्वर से बेहतर मार्गदर्शन मिले और कलीसिया आगे बढ़ सके. एशिया के पहले आदिवासी आर्चबिशप कार्डिनल तेलेस्फोर पी टोप्पो का गुमला के इस गांव में हुआ था.जन्मसमारोह में शामिल आर्चबिशप एवं बिशप समारोह में कोलकाता के आर्चबिशप थॉमस डिसूजा, कटक भुवनेश्वर के आर्चबिशप जोन बरवा, पटना धर्मप्रांत के आर्चबिशप सेबास्टियन कल्लूपुरा, बगोदरा के बिशप विंसेंट आइंद, पोर्टब्लेयर अंडमान के बिशप विसवासम सिलवाराज, जम्मू-श्रीनगर के बिशप इवॉन पेरैरा, डुमदा के बिशप जुलियुस मरांडी, बक्सर के बिशप जेम्स शेखर, रायगंज के बिशप फुलजेंस अलोइस तिग्गा, राउरकेला के बिशप किशोर कुमार कुजूर, अंबिकापुर के बिशप अंतोनिश बाड़ा, रायगढ़ के बिशप पॉल टोप्पो, जशपुर के बिशप इमानुवेल केरकेट्टा, जमशदेपुर के बिशप तेलेस्फोर बिलुंग खुंटी के बिशप बिनय कंडुलना, डालटेनगंज के बिशप थियोदोर मस्करेनस, मुजफ्फरपुर धर्मप्रांत के बिशप काजेटन फ्रांसिस ओस्ता मौजूद थे.

कोई टिप्पणी नहीं: