- भागवत कथा में आने के लिए मन रूपी बकरे को मारना ही होगा : रविशंकर तिवारी
पंडित श्री तिवारी ने कहा कि भगवान की कथा में सरलता से मन नहीं लगता है। भक्त को मन रोकता है टोकता है एैसे बकरा रूपी मन को मारकर ही भागवत कथा में आया जा सकता है। उन्होने कहा कि भगवान में जब मन लग जाता है तो मरना नहीं पड़ता है मोक्ष मिल जाता है। सुखदेव बाबा कहते है कि सात दिनों में जन्म होता है और मरण होता है किसी के लिए भी आठवां दिन नहीं बना है हम सबकी मृत्यु तय है इस लिए भगवान का सुमिरन कर लेना चाहिए। सुखदेव बाबा ने राजापरिक्षित को 18 हजार श£ोक सुनाऐं। संगीतमय कथा के दौरान मुख्य यजमान के द्वारा पंडित हरीश तिवारी के सानिध्य में भागवतजी की पूजा अर्चना की गई। पंडित श्री तिवारी के द्वारा प्रस्तुत भजनों पर श्रद्धालुजन भावविभौर होकर नृत्य करते दिखाई दिए। कथा सुनने लिए बड़ी संख्या में कस्बा सहित आसपास के क्षेत्रवासी श्रद्धालुगण पहुंच रहे है।

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