भोपाल : सुहागिन महिलाओं ने की वटसावित्री पूजा - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 6 जून 2024

भोपाल : सुहागिन महिलाओं ने की वटसावित्री पूजा

Vat-savitri-pooja-bhopal
भोपाल, ज्येष्ठ मास की अमावस्या पर बृहस्पतिवार को वट सावित्री व्रत रखकर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की दीर्घायु के लिए कामना की। सुहागिन महिलाओं  ने वट वृक्ष की विधिवत पूजा अर्चना की। सबसे पहले वट वृक्ष को हल्दी का लेप लगाया। फिर पीला धागा को लपेटते हुए सात बार परिक्रमा की। इसके बाद जल अर्पण किया। पूजन के बाद महिलाओं ने व्रत को खोला। वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती अमिता शर्मा ने बताया कि मान्यता के अनुसार धार्मिक मान्यता के अनुसार, बरगद के पेड़ में त्रिदेव यानी ब्रह्मा, विष्णु एवं महेश का वास होता है। इस पेड़ की पूजा करने से जीवन में सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है, क्योंकि बरगद के पेड़ की आयु बहुत लंबी होती है। इसलिए इसे अक्षय वृक्ष भी कहा जाता है। बहुत से लोग ये भी मानते हैं कि इस व्रत का महत्व करवा चौथ के जितना होता है। इस अवसर पर श्रीमती संगीता मिश्रा, श्रीमती निशा शर्मा, श्रीमती मीनाक्षी मिश्रा आदि सुहागिनों ने एकत्रित होकर वट वृक्ष की पूजा की।

कोई टिप्पणी नहीं: