वहीं गांव के 32 वर्षीय संजीव दास बताते हैं कि यहां सड़क तो बहुत अच्छी बनी हुई है, लेकिन जब परिवहन की कमी के कारण इससे लोगों को असुविधा होती है तो उन्नत सड़क का अर्थ नहीं रह जाता है. गांव वालों को कहीं भी आने जाने के लिए घंटों वाहन का इंतज़ार करना पड़ता है. जिसके कारण मिनटों में पूरे होने वाले कामों में पूरा दिन गुज़र जाता है. अक्सर परिवारों को शहर जाने के लिए गाड़ी बुक करनी पड़ती है. जो काफी खर्चीला होता है. वह कहते हैं कि कैशापी पुरानी डिह में अधिकतर परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमज़ोर है. ज़्यादातर पुरुष या तो सीमित मात्रा में उपलब्ध खेती किसानी करते हैं या फिर दिल्ली, कोलकाता, अमृतसर अथवा सूरत जाकर वहां के कल कारखानों में श्रमिक के रूप में काम करते हैं. ऐसे में उनके लिए हर समय निजी वाहन बुक करके कहीं आना जाना मुमकिन नहीं है. संजीव कहते हैं कि गया जिला मुख्यालय और रेलवे स्टेशन गांव से 32 किमी दूर है. वहां के लिए गांव से बहुत ही सीमित संख्या में बस उपलब्ध होती है. ऐसे में जब हम ऑटो बुक करते हैं तो वह दोगुना चार्ज करता है. जिसे अदा करने के लिए सभी सक्षम नहीं होते हैं. यदि परिवहन विभाग कैशापी पुरानी डिह से गया शहर के लिए बस सर्विस शुरू कर दे तो हमारी सबसे बड़ी समस्या हल हो जाएगी.
गांव में किराना की दुकान चलाने वाली सविता देवी बताती हैं कि उनके पति कोलकाता के किसी कपड़ा फैक्ट्री में काम करते हैं. घर की आमदनी के लिए उन्होंने गांव में किराना की दुकान खोल ली है. जिसमें सामान के लिए उन्हें हर हफ्ते शहर जाना पड़ता है. वह कहती हैं कि शहर से कैशापी गांव के लिए अंतिम बस दोपहर तीन बजे निकल जाती है. कई बार खरीदारी में लेट हो जाने के कारण उनकी बस छूट जाती है. जिसके बाद उन्हें ऑटो बुक करनी पड़ती है. अधिकतर ऑटो वाले गांव आने के लिए तैयार नहीं होते हैं. यदि तैयार भी होते हैं तो बहुत अधिक किराया मांगते हैं. जिसे उन्हें मजबूरीवश अदा करनी पड़ती है. सविता कहती हैं कि यदि गांव तक सरकारी बस की सुविधा आसानी से और हर समय उपलब्ध हो जाए तो गांव वालों की बहुत बड़ी समस्या हल हो जाएगी. वह बताती हैं कि जिस प्रकार सड़क बेहतर हो जाने से गांव में एम्बुलेंस का पहुंचना आसान हो गया है और किसी भी गर्भवती महिला को प्रसव के लिए समय पर अस्पताल पहुंचाना सुलभ हो गया है, इसी प्रकार आम लोगों के लिए भी परिवहन की सुविधा होनी चाहिए. वास्तव में, परिवहन आर्थिक दृष्टिकोण से विकास का एक प्रमुख कारक माना जाता है. ऐसे में कैशापी पुरानी डिह जैसे शहर से दूर गांव में यदि यातायात के साधन सुलभ नहीं होंगे तो विकास की प्रक्रिया अधूरी रह जाएगी. एक गांव का विकास उस वक़्त तक पूर्ण नहीं माना जा सकता है जब तक ग्रामीणों को अच्छी सड़क के साथ साथ यातायात की सुगम व्यवस्था उपलब्ध नहीं हो जाती है.
गोल्डी कुमारी
गया, बिहार
(चरखा फीचर)



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