- निराश्रित बच्चों का संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेवारी
उन्होंने कहा कि बच्चे देश की आत्मा हैं, इसलिए इन्हें नशे से मुक्त रखने के जिम्मेदारी हम सभी की है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जनपद, ब्लाक, वार्ड, ग्राम स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियां यदि अब तक नहीं बनाई गयी हैं तो तत्काल बना लिया जाये। उन्होंने उप निदेशक, महिला कल्याण को गठित समितियों के सम्बन्ध में 15 दिन के अन्दर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया। उन्होंने औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों को नशे की लत से दूर रखने के लिए सभी मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाय कि बच्चों को एच-1 मॉडल की दवाइयॉं किसी भी दशा में नहीं दी जायेगी तथा सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी भी लगवाया जाय। उन्होंने कहा कि नशामुक्त स्वस्थ समाज की संरचना के लिए समाज के हर तबके को जागरुक जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा छोटे-छोटे बच्चों के चेहरे की मुस्कान को समाप्त कर रहा है। जाने अनजाने में किया जा रहा नशा बच्चों का भविष्य खराब करने के साथ ही आगे चलकर क्राइम को भी बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है। हम सभी को चाहिए कि टीम भावना के साथ कार्य करते हुए नशे के कारोबार का समूल खात्मा कराएं।

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