वाराणसी : छेड़खानी से पीड़ित बच्चियों के अभिभावकों का उत्पीड़न करने वाले अफसर होंगे दंडित - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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बुधवार, 31 जुलाई 2024

वाराणसी : छेड़खानी से पीड़ित बच्चियों के अभिभावकों का उत्पीड़न करने वाले अफसर होंगे दंडित

  • निराश्रित बच्चों का संरक्षण हम सभी की नैतिक जिम्मेवारी

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वाराणसी (सुरेश गांधी) उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डा. देवेन्द्र शर्मा ने कहा है कि छेड़खानी से पीड़ित बच्चियों के अभिभावकों का उत्पीड़न करने वाले अफसरों को दंडित किया जायेगा। खासकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के लंका एवं चोलापुर में बच्चियों के साथ हुई छेड़खानी की घटना को सरकार एवं आयोग ने गंभीरता से लिया है। इन दोनों मामलों की विभागीय जांच करायी जायेगी। अगर इसमें चोलापुर एवं लंका पुलिस ने जांच के दौरान पीड़ित बच्चियों के अभिभावकों के साथ दुर्व्यवहार किया होगा और जांच में दोषी पाएं गए तो सख्त कार्रवाई होगी। श्री शर्मा पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बच्चों एवं महिलाओं के भविष्य के प्रति काफी संवेदनशील हैं। कोरोना संक्रमण काल से प्रभावित बच्चों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना का संचालन के तहत जनपद में बच्चों के लालन-पालन के लिए 4000 प्रति माह अभिभावकों के खाते में भेजे जा रहे हैं। कन्या सुमंगला योजना में बेटियों को 25000 की धनराशि का लाभ दिया जा रहा है। अप्रिय दुर्घटना से प्रभावित बच्चियों को रानी लक्ष्मीबाई योजना का लाभ दिया गया है।


उन्होंने कहा कि बच्चे देश की आत्मा हैं, इसलिए इन्हें नशे से मुक्त रखने के जिम्मेदारी हम सभी की है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जनपद, ब्लाक, वार्ड, ग्राम स्तर पर बाल कल्याण एवं संरक्षण समितियां यदि अब तक नहीं बनाई गयी हैं तो तत्काल बना लिया जाये। उन्होंने उप निदेशक, महिला कल्याण को गठित समितियों के सम्बन्ध में 15 दिन के अन्दर रिपोर्ट करने का निर्देश दिया। उन्होंने औषधि प्रशासन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि बच्चों को नशे की लत से दूर रखने के लिए सभी मेडिकल स्टोर्स के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाय कि बच्चों को एच-1 मॉडल की दवाइयॉं किसी भी दशा में नहीं दी जायेगी तथा सभी मेडिकल स्टोर्स पर सीसीटीवी भी लगवाया जाय।  उन्होंने कहा कि नशामुक्त स्वस्थ समाज की संरचना के लिए समाज के हर तबके को जागरुक जरूरी है। उन्होंने कहा कि नशा छोटे-छोटे बच्चों के चेहरे की मुस्कान को समाप्त कर रहा है। जाने अनजाने में किया जा रहा नशा बच्चों का भविष्य खराब करने के साथ ही आगे चलकर क्राइम को भी बढ़ावा देने का कार्य कर रहा है। हम सभी को चाहिए कि टीम भावना के साथ कार्य करते हुए नशे के कारोबार का समूल खात्मा कराएं।

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