पटना 26 जुुलाई, भाकपा-माले राज्य सचिव कुणाल ने कहा है कि राजद एमएलसी सुनील सिंह की विधान परिषद् की सदस्यता और बिस्कोमान के अध्यक्ष पद से बर्खास्तगी घोर लोकतंत्र विरोधी कदम है. यह संसदीय परंपराओं का घोर अपमान और विपक्ष की आवाज को दबाने की एक गलत परंपरा की शुरूआत है. उन्होंने कहा कि प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार को पलटू राम कहे जाने के आरोप में विधान परिषद् की आचार संहिता की सिफारिश पर यह कार्रवाई की गई है. विगत दिनों जिस प्रकार लोकसभा और राज्य सभा में विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया गया, विपक्षी सांसदों का निलंबन किया गया, कुछ की बर्खास्तगी की गई, बिहार विधान परिषद् की आज की घटना भी उस कड़ी में जुड़ गई है. बिहार की भाजपा-जदयू सरकार तानाशाही तरीके से सरकार व विधानमंडल चलाना चाहती है. इसकी कत्तई इजाजत नहीं दी जा सकती है. हम मांग करते हैं कि राजद एमएलसी सुनील सिंह की विधान परिषद् की सदस्यता अविलंब बहाल की जाए.
शुक्रवार, 26 जुलाई 2024
पटना : राजद एमएलसी सुनील सिंह की सदस्यता खारिज करना घोर लोकतंत्र विरोधी कदम
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