—जगदीश यादव—
कोलकाता। दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक मेले के लिए लगभग सजधज कर प्रयागराज तैयार है। इस बार महाकुंभ लग रहा है। महाकुंभ 2025, 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी तक चलेगा। इसमें देश-विदेश से 40 से 45 करोड़ श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। ऐसे में धार्मिक मेले के जानकारों का मानना है कि इस साल गंगा सागर मेले पर महाकुंभ मेले का साया दिख सकता है। इन्होंने बताया कि कुंभ मेले का आयोजन 12 साल पर होता है। 144 साल बाद हो रहे इस महाकुंभ में 12 साल बाद यात्रा धाम, प्रयागराज के पूर्ण कुंभ में दुर्लभ संयोग बन रहा है। बिहार, यूपी, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, पंजाब, गुजरात सहित देश के सभी राज्यों से प्राप्त -जानकारी के अनुसार 144 साल बाद हो रहे इस महाकुंभ में दुर्लभ संयोग के कारण श्रद्धालु प्रयागराज में महाकुंभ के पुण्य स्नान के लिए आतुर है और वह लोग ऐसा मौका नहीं छोड़ना चाहते हैं। कोलकाता निवासी व जनसत्ता के पूर्व प्रतिनिधि व वरीय पत्रकार जय नारायण प्रसाद की माने तो इस साल गंगा सागर पर महाकुंभ के पुण्य स्नान का असर साफ रहेगा और पुण्यार्थियों की यहां भीड़ एकदम कम होगी। लगभग 40 वर्षो से गंगा सागर मेले का कवरेज करने वाले वरीय पत्रकार जय नारायण प्रसाद ने कहा कि, लोग महाकुंभ के पुण्य स्नान का खास अवसर छोड़ने वाले नहीं है। उन्हें भी देश का तमाम जगहों से इसी तरह की सूचना भी मिली है कि, लोग महाकुंभ के पुण्य स्नान के लिए आतुर हैं। अंतरराष्ट्रीय ब्राह्मण महासंघ कोलकाता के अध्यक्ष ओम प्रकाश मिश्रा की इसी तरह का मानना है। उन्होंने कहा कि, उन्हें लग रहा है और जिस तरह से जन मानस में महाकुंभ के पुण्य स्नान के लिए होड़ मची हुई है इससे लग रहा है कि इस बार गंगा सागर मेले में 10 प्रतिशत ही श्रद्धालु आएगें। वैसे गंगा सागर में तमाम दुकानदारों का कहना है कि नवम्बर माह से ही गंगा सागर में देश के विभिन्न भागों से श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती थी और दिसम्बर में यहां लोगों की भीड़ दिखती थी जो कि इस बार नहीं है और इसका साफ असर उनके कारोबार पर पड़ रहा है।

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