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शनिवार, 18 जनवरी 2025

दरभंगा : डीसीई ने फिल्म निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया

Film-production-workshop
दरभंगा (रजनीश के झा)। कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (डीसीई) ने अपने छात्रों के रचनात्मक और कलात्मक विकास के लिए एक अनूठी पहल के तहत फिल्म निर्माण कार्यशाला का आयोजन किया। यह कार्यशाला छात्रों को फिल्म निर्माण के विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव देने के उद्देश्य से आयोजित की गई। इस कार्यशाला में फिल्म उद्योग के प्रतिष्ठित विशेषज्ञ शामिल हुए:  

तान्या अडारकर प्रभु, एपिफेनी एंटरटेनमेंट से जुड़ी एक प्रसिद्ध हस्ती  

अनुपम, एसोसिएट क्रिएटिव डायरेक्टर और पटकथा लेखक  

राहुल, चीफ असिस्टेंट डायरेक्टर  


कार्यशाला के मुख्य आकर्षण : 

विशेषज्ञों ने फिल्म निर्माण के तकनीकी और रचनात्मक पहलुओं पर गहन चर्चा की। निर्देशन, पटकथा लेखन, अभिनय, संपादन और प्रोडक्शन जैसे विषयों पर छात्रों को महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।  

ऑडिशन का आयोजन : विशेषज्ञों ने छात्रों का ऑडिशन भी लिया और उनकी प्रतिभा की सराहना की। उन्होंने कहा कि कुछ छात्रों को भविष्य में फिल्मों में भूमिकाओं के लिए बुलाया जा सकता है।  

इंटरएक्टिव सेशन : विशेषज्ञों ने छात्रों के सवालों के जवाब दिए और फिल्म निर्माण की चुनौतियों और संभावनाओं पर चर्चा की।  


तान्या अडारकर प्रभु और अन्य विशेषज्ञों ने डीसीई के छात्रों की प्रतिभा और उनके जोश की खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की प्रतिभा और प्रशासन का इतना सहयोग देखने की उम्मीद नहीं थी। डीसीई का माहौल और छात्रों का प्रदर्शन उनके लिए बेहद प्रेरणादायक रहा।  


डॉ. संदीप तिवारी, प्राचार्य, डीसीई, ने नई शिक्षा नीति (एनईपी 2020) के तहत कला और संस्कृति को बढ़ावा देने की भूमिका पर जोर देते हुए कहा,  "यह कार्यशाला छात्रों के लिए अपनी छिपी हुई प्रतिभा को निखारने और फिल्म उद्योग से जुड़ने का एक सुनहरा अवसर है। हमारी कोशिश है कि नई शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षा को अधिक रचनात्मक और समग्र बनाया जाए, ताकि हमारे छात्रों को हर क्षेत्र में सफलता मिले।" कार्यशाला के दौरान छात्रों ने न केवल विशेषज्ञों से सीखा, बल्कि अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन भी किया। छात्रों ने इस पहल के लिए कॉलेज प्रशासन का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह उनके जीवन में एक महत्वपूर्ण अनुभव साबित हुआ। डीसीई दरभंगा की यह पहल छात्रों की कलात्मक और रचनात्मक क्षमताओं को निखारने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस तरह की कार्यशालाएं न केवल छात्रों को नई दिशाओं में सोचने का अवसर देती हैं, बल्कि उनके करियर के नए रास्ते भी खोलती हैं।

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