- माले महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य सहित सभी बड़े नेता पहुंचे पटना
- सीमांचल व दूर दराज के इलाकों से लोग आज ही पहुंचने लगे पटना
- गांधी मैदान सहित पूरे पटना शहर की गई है सजावट
महाजुटान में भाकपा-माले के महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य, पार्टी के वरिष्ठ नेता का. स्वदेश भट्टाचार्य और झारखंड सहित अन्य पड़ोसी राज्यों के पार्टी नेता पटना पहुंच चुके हैं। गांधी मैदान में कल सुबह 12 बजे से इस महाजुटान का कार्यक्रम शुरू होगा और विभिन्न आंदोलनों के प्रतिनिधि अपनी मांगों के साथ मंच पर उपस्थित होंगे। महाजुटान में भाग लेने वाले प्रमुख संगठनों में बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ, बिहार प्रदेश जीविका कैडर संघ, बिहार राज्य अनुबंध मानदेय सेवाकर्मी संघ, बिहार विद्यालय रसोइया संघ, बिहार राज्य आंगनबाड़ी वर्कर्स यूनियन, विकास मित्र, टोला सेवक, बीपीएससी अभ्यर्थी संघ, अंबेडकर जस्टिस फोरम, बुनकर संघर्ष समिति, इदरीशिय फेडरेशन, तहरीके निस्वां, मुसहर विकास समिति, सामाजिक न्याय आंदोलन, कैमूर मुक्ति मोर्चा, बिहार निषाद संघ, वंचित बहुजन मोर्चा, ताड़ी मजदूर संघ, वित्त रहित शिक्षक कर्मचारी संघ, इंडियन नेशनल लीगी, पसमांदा मुस्लिम महाज, बिहार लोहार संघर्ष मोर्चा, जस्टिस डेमोक्रेटिक फोरम, सफाई कर्मचारी यूनियन, और कई अन्य संगठन शामिल होंगे। इन सभी संगठनों के प्रतिनिधि अपनी-अपनी मांगों के साथ मंच पर मौजूद रहेंगे और बदलाव की एक मजबूत आवाज उठाएंगे। भाकपा-माले से जुड़े सभी जनसंगठनों के प्रतिनिधि भी मंच पर होंगे।
दूरदराज के इलाकों से आने वाली जनता
महाजुटान में शामिल होने के लिए सीमांचल, चंपारण और अन्य दूर-दराज के इलाकों से लाखों की संख्या में लोग पटना पहुँच चुके हैं। ये लोग विभिन्न जत्थों और कारवां के रूप में गांधी मैदान की ओर बढ़ रहे हैं। कई जत्थे गांधी मैदान पहुँच चुके हैं, और रात के समय सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। यह कार्यक्रम लोगों को एकजुट करेगा और आंदोलन के उद्देश्य को और स्पष्ट करेगा।
पटना शहर की सजावट
गांधी मैदान और पूरे पटना शहर को महाजुटान के समर्थन में सजाया गया है। तख्तियां, फ्लैक्स और होर्डिंग्स के माध्यम से विभिन्न आंदोलनकारी समूहों की मांगों को प्रदर्शित किया जा रहा है। इन सजावटों के माध्यम से महाजुटान के प्रचार-प्रसार का कार्य भी किया जा रहा है। सोशल मीडिया पर भी इस कार्यक्रम के लिए कई टीमों का गठन किया गया है, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक यह संदेश पहुँच सके। यह महाजुटान बिहार में बदलाव की एक नई शुरुआत को जन्म देगा, और भाजपा-जदयू के शासन के खिलाफ लोगों की आवाज को मजबूती से उठाएगा।
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