पटना : डॉ सुनील कुमार ने “ऑक्सीजन मैन” राजेश कुमार को ₹25,000 की आर्थिक मदद दी - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

गुरुवार, 5 जून 2025

पटना : डॉ सुनील कुमार ने “ऑक्सीजन मैन” राजेश कुमार को ₹25,000 की आर्थिक मदद दी

  • विश्व पर्यावरण दिवस पर पटना जू में “पर्यावरण गीत” की लॉन्च कर मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने दिया जनभागीदारी का संदेश 

Bihar-minister-sunil-kumar
पटना (रजनीश के झा) : पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के मंत्री डॉ. सुनील कुमार ने विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर पटना जू परिसर में “पर्यावरण गीत: हरित बिहार बनाएंगे – नया बिहार बनाएंगे” का विधिवत लोकार्पण मीडिया, यूट्यूबर, सोशल मीडिया, इन्फ़्ल्युएन्सर और पत्रकारों के समक्ष किया। इस अवसर पर उन्होंने पर्यावरण के क्षेत्र में विशेष योगदान देने वाले “ऑक्सीजन मैन” राजेश कुमार को अपने कोष से ₹25,000 की आर्थिक सहायता दी और पर्यावरणीय चेतना बढ़ाने में युवाओं की भूमिका को सराहा। मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बिहार न केवल ऐतिहासिक धरोहरों की भूमि है, बल्कि पार्यावरणीय दृष्टि से भी अत्यंत समृद्ध है। चिड़ियाघर जैसे संस्थान जागरूकता का प्रमुख केंद्र हैं, जहां से हर वर्ष लाखों लोग प्रेरित होते हैं। उन्होंने बताया कि राज्य में हरियाली मिशन, जल-जीवन-हरियाली और “एक घंटा पर्यावरण के नाम” जैसे अभियानों से हर वर्ग को जोड़ा गया है। बिहार सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए मंत्री ने बताया कि 2004 में राज्य का वन क्षेत्र मात्र 7.62% था, जो अब बढ़कर 15.05% हो गया है, और 2028 तक इसे 17% तक ले जाने का लक्ष्य है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रयासों जैसे राजगीर, वाल्मीकि नगर, बोध गया आदि स्थलों के विकास का उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की “एक पेड़ माँ के नाम” पहल को भी याद करते हुए लोगों से अपील की कि वे अपने माता-पिता, परिवार या पड़ोसियों के नाम पर पौधारोपण कर पर्यावरण सुरक्षा में भागीदार बनें। उन्होंने कहा कि “अगर हर नागरिक प्रतिदिन एक घंटा पर्यावरण को दे, तो बिहार फिर से गौरवशाली बन सकता है।”


कार्यक्रम में विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती हरजोत कौर बम्हरा ने भी संबोधित किया और कहा कि पर्यावरण की रक्षा केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं, बल्कि जन-सहयोग और व्यक्तिगत पहल जरूरी है। उन्होंने दैनिक जीवन में प्लास्टिक के उपयोग में कमी और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि पर्यावरण हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। यह केवल सरकार के प्रयासों से नहीं सुधरेगा, बल्कि जन जागरूकता और व्यक्तिगत योगदान भी उतना ही ज़रूरी है। सरकार नीतियाँ बनाती है, लेकिन हमें अपनी दिनचर्या में छोटे-छोटे बदलाव लाने होंगे — जैसे प्लास्टिक का कम उपयोग और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प अपनाना। अगर हम मिलकर छोटे प्रयास करें, तो पर्यावरण को सुंदर, सुरक्षित और स्वस्थ बना सकते हैं। वन विभाग द्वारा इस अवसर पर प्रेरणादायक वीडियो और गीत तैयार किया गया, जो आम जनता को विशेष रूप से अवकाश के दिनों में भी पर्यावरण के प्रति सक्रिय रहने को प्रेरित करेगा। विश्व पर्यावरण दिवस का यह आयोजन न सिर्फ एक संदेश था, बल्कि बिहार को हरित और सुरक्षित भविष्य की दिशा में ले जाने का संकल्प भी। विषय प्रवेश और स्वागत संबोधन श्री प्रभात कुमार गुप्ता PCCF (HoFF) ने किया। कार्यक्रम में श्री भारत ज्योति, श्री अरविंदर सिंह, श्री अभय कुमार सिंह, श्री सुरेन्द्र सिंह, श्री गौरव ओझा और जू निदेशक श्री हेमंत पाटिल उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन, श्री अभय कुमार द्वेदी दे किया।

कोई टिप्पणी नहीं: