दरभंगा, (आलोक कुमार). दरभंगा जिले के हनुमाननगर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय लवटोल (वार्ड-11, पंचायत- गोदियारी) शिक्षा व्यवस्था की एक शर्मनाक तस्वीर पेश कर रहा है.इस सरकारी विद्यालय की स्थापना हुए करीब दो दशक हो गए, लेकिन आज भी स्कूल के पास न तो इमारत है, न क्लासरूम, न ब्लैकबोर्ड और न ही शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं. बच्चे आज भी खुले आसमान के नीचे पेड़ की छांव में दरी बिछाकर पढ़ाई करने को मजबूर हैं. अध्यापन कार्य दीवारों पर काले रंग से रंगे हिस्सों को "ब्लैकबोर्ड" बनाकर किया जा रहा है. बारिश हो या धूप — यह स्कूल हर मौसम में संघर्ष करता है, लेकिन बंद नहीं होता. विद्यालय के शिक्षकों ने बताया कि 2006 से लेकर अब तक कई बार भूमि आवंटन, भवन निर्माण और संसाधन के लिए संबंधित अधिकारियों को अनुरोध-पत्र, आवेदन एवं रिपोर्ट दी गई हैं, लेकिन सरकार की ओर से सिर्फ आश्वासन ही मिला है, कार्रवाई नहीं.
विद्यालय को भवन नहीं मिला है, न ही कोई स्थायी जमीन.
छात्र संख्या निरंतर बनी हुई है, लेकिन संसाधनों का अभाव बना हुआ है.
स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधियों की निष्क्रियता सवालों के घेरे में है.
इसके आलोक में लोगों की मांग है कि तत्काल
1. विद्यालय के लिए स्थायी भवन निर्माण करने के लिए तुरंत भूमि आवंटन किया जाए.
2. छात्रों के लिए शौचालय, पेयजल, ब्लैकबोर्ड और फर्नीचर की व्यवस्था की जाए.
3. शिक्षा विभाग के अधिकारियों की एक विशेष टीम मौके पर भेजी जाए और 30 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ हो.
बिहार सरकार, शिक्षा विभाग, जिला प्रशासन, और माननीय जनप्रतिनिधियों से आग्रह करते हैं कि बच्चों के भविष्य से हो रहे इस खिलवाड़ को गंभीरता से लें और तत्काल प्रभाव से ठोस कदम उठाएं.स्थानीय अभिभावक संघ एवं विद्यालय शिक्षकगण,प्राथमिक विद्यालय लवटोल, हनुमाननगर, दरभंगा, बिहार.
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