बैंगलोर, 11 अगस्त (विजय सिंह)। निजी बैंकों की श्रृंखला में अग्रणी माने जाने वाली आईसीआईसीआई बैंक ने बचत खाता में न्यूनतम औसत शेष जमा राशि में अप्रत्याशित वृद्धि करते हुए पचास हजार की सीमा तय करने की घोषणा की है। नया नियम पहली अगस्त से प्रभावी माना जाएगा I बैंक की महानगरीय और शहरी शाखाओं में अब ग्राहकों को खाते में कम से कम 50000 रुपये रखना होगा—जो किसी भी घरेलू बैंक में न्यूनतम औसत शेष राशि में सबसे अधिक है। बी.के.सेठी सहित कुछ आम ग्राहकों ने बताया कि आईसीआईसीआई का लक्ष्य उच्च आय वर्ग के ग्राहकों को साधना है, जिससे वे बैंकिंग सेवाओं के साथ बीमा, फंड प्रबंधन व अन्य संबंधित सह सेवाओं से भी उच्च आय वर्ग ग्राहकों को जोड़ कर बैंक के लिए अन्य सह-सेवाओं से अतिरिक्त आमद का जुगाड़ कर सके। वरिष्ठ पत्रकार लक्षमण इसे बैंक से छोटे ग्राहकों की सफाई प्रबंधन की हिस्सा करार देते हैं I
ठेका कंपनी कर्मचारी विनय मानते हैं कि इस नियम से बड़ी संख्या में आम खाताधारकों को परेशानी हो सकती है। समझा यह भी जा रहा है कि इतनी बड़ी औसत राशि की अनिवार्यता मध्यम और निम्न आय वर्ग के ग्राहकों को बैंक से खाता हटाने को विवश कर सकती है। बताते चलें कि आईसीआईसीआई बैंक द्वारा पहली अगस्त से महानगर और शहरी शाखा के बचत खाताधारकों के लिए न्यूनतम औसत शेष राशि 10000 से बढ़ाकर 50000 कर दिया है। दूसरी तरफ उपनगरीय शाखाओं के लिए औसत न्यूनतम राशि 5000 से पांच गुणा बढ़ाकर 25000 और ग्रामीण शाखाओं में पूर्व निर्धारित 2500 से बढ़ाकर सीधे चार गुणा 10000 औसत न्यूनतम शेष खाता में रखने का निर्देश दिए जाने की सूचना है।
"लाईव आर्यावर्त " ने इस संदर्भ में बैंक मुख्यालय से संपर्क कर विस्तृत जानकारी चाही, किंतु समाचार लिखे जाने तक बैंक का विवरण प्राप्त नहीं हो पाया है I
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