- सीतापुर में ‘बुलेटरानी’ के नाम से बनाई थी अलग पहचान
- महिला सुरक्षा व संवेदनशील मामलों में अनुकरणीय कार्य का मिला बड़ा सम्मान
- प्रदेश पुलिस व कानपुर जनपद को उन पर गर्व, सहकर्मियों में उत्साह
कानपुर में महिला थाना प्रभारी रहते हुए उन्होंने न केवल संवेदनशील मामलों का त्वरित निस्तारण कराया, बल्कि थाना को महिलाओं के लिए भरोसेमंद ठिकाना बनाया। उनके कार्य की शैली में सख्ती और संवेदनशीलता का अद्भुत संतुलन देखने को मिलता है। डीजीपी स्वर्ण पदक मिलने के बाद इंस्पेक्टर कमर सुल्ताना ने कहा – "यह सम्मान मेरे लिए गर्व का क्षण है, लेकिन इससे बड़ी जिम्मेदारी भी जुड़ती है। मेरा उद्देश्य है कि हर महिला खुद को सुरक्षित और आत्मनिर्भर महसूस करे।" उनकी इस उपलब्धि से कानपुर पुलिस और पूरा प्रदेश गौरवान्वित महसूस कर रहा है। इस प्रशंसा पर साइबर जर्नलिस्ट एसोसिएशन (सीजेए) के राष्ट्रीय महासचिव शीबू खान एवं प्रदेश अध्यक्ष शहंशाह आब्दी ने उनको मुबारकबाद देते हुए महिलाओं के प्रति और भी अच्छे कार्य करने की बात कही है साथ ही पुलिस में जाने का सपना संजोए बैठी नारियों के लिए प्रेरणा नायक बनने की बात कही है। बताते चलें कि उक्त महिला इंस्पेक्टर कमर सुल्ताना श्री आब्दी की बहू (भांजे की पत्नी) हैं और वर्तमान में कानपुर कमिश्नरेट में महिला थाना प्रभारी हैं।
इंस्पेक्टर कमर सुल्ताना
वर्तमान पद : प्रभारी निरीक्षक, महिला थाना, कानपुर
विशेष पहचान : सीतापुर में ‘बुलेटरानी’ के नाम से मशहूर
सम्मान : डीजीपी स्वर्ण पदक (2025)
खासियत : सख्त प्रशासनिक रवैया और मानवीय दृष्टिकोण
मिशन : महिलाओं को सुरक्षा व आत्मनिर्भरता का विश्वास दिलाना

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