- अब पार्टीशन डीड पर अधिकतम 5 हज़ार तक ही शुल्क देना होगा, पहले देना पड़ता था संपत्ति मूल्य का 5 फीसदी शुल्क, अब 10 हजार में होगा पक्का बंटवारा
मुकदमों में कमी और सौहार्द बढ़ेगा
स्टांप एवं पंजीयन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रवींद्र जायसवाल ने बताया कि इस कदम से आपसी समझौते आसान होंगे और सिविल व राजस्व अदालतों में मुकदमों का बोझ घटेगा। साथ ही भूमि और राजस्व रिकॉर्ड भी समय पर अपडेट होंगे। इससे संपत्तियां बाजार में भी आसानी से उपलब्ध होंगी।
सरकार को होगा शुरुआती नुकसान
नई व्यवस्था से सरकार को शुरुआती दौर में स्टांप शुल्क से 5.58 करोड़ और पंजीकरण शुल्क से 80.67 लाख रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान है। हालांकि पंजीकरण की संख्या बढ़ने से इसकी भरपाई की उम्मीद जताई जा रही है।
अन्य राज्यों से मिले सकारात्मक नतीजे
तमिलनाडु, कर्नाटक, राजस्थान और मध्य प्रदेश में पहले से ही ऐसी व्यवस्था लागू है और वहां सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। जायसवाल ने कहा कि यूपी में भी यह कदम पारिवारिक सौहार्द और कानूनी स्पष्टता को मजबूत करेगा।

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