सीहोर : महाभारत लिखते गणेश जी का भव्य पंड़ाल बना आस्था का केंन्द्र - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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मंगलवार, 2 सितंबर 2025

सीहोर : महाभारत लिखते गणेश जी का भव्य पंड़ाल बना आस्था का केंन्द्र

  • महा आरती के पश्चात किया गया 31 किलो रबड़ी प्रसादी का वितरण

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सीहोर। शहर के छावनी स्थित खजांची लाइन में यंग स्टार क्लब के तत्वाधान में पिछले 13 वर्षों से लगातार श्री गणेश महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। दस दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव में गौरीपुत्र गणेश की आराधना की जाती है, हर रोज शाम की आरती में दूर-दूर से श्रद्धालु देखने और आरती में शामिल होने आते हैं। यहां की दिव्यता और भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि प्रांगण भक्तों के जयकारों से गूंज उठता है, और पूरे क्षेत्र में श्रद्धालु प्रभु की साधना में लीन नजर आते हैं। मंगलवार की रात्रि को 31 किलो रोज रबडी का भोग लगाकर  श्रद्धालुओं को वितरण किया। इस क्लब में करीब एक दर्जन से अधिक क्षेत्र के युवा शामिल है जो हर साल लाखों रुपए खर्च कर यहां पर महोत्सव मनाते है। जिला संस्कार मंच की ओर से शिशिर शर्मा ने यहां पर क्लब के पदाधिकारियों का सम्मान किया।


यंग स्टार क्लब के तत्वाधान में पिछले नियत 13 वर्षों से गणेश जी की प्रतिमा स्थापित की जा रही है। उसी तरह से इस वर्ष भी गणेश जी की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। इस वर्ष की गणेश जी की प्रतिमा 14 फीट लंबी एवं 18 फीट चौड़ी है। गणेश को इसमें महाभारत को लिखते हुए वाले रूप में देख सकते है जो बीच महाभारत के दृश्य में कलाम से महाभारत लिखते हुए नज़र आ रहे है। क्लब के अध्यक्ष केशव भवसार एवं उपाध्यक्ष नयन अग्रवाल है। जिला संस्कार मंच के मनोज दीक्षित मामा ने बताया कि क्लब के द्वारा पहले जब झांकी बनाते थे, उस दौरान दो तीन हजार रुपए खर्च आता था, लेकिन अब तीन लाख से अधिक खर्च आता है। यह भव्य पंडाल विशाल है और गणेश पंडाल में गणेश जी के महाभारत लिखते हुए एक भव्य झांकी का वर्णन करना एक लोकप्रिय और धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण विषय है, क्योंकि यह गणेश जी को महाभारत के लेखक के रूप में दर्शाती है। इसमें गणेश जी को एक दांत तोड़ते हुए या पूरी गति से लिखते हुए दिखाया जो कि उनकी एकाग्रता और एकदंत होने की कथा को दर्शाता है। इस झांकी को बनाने के लिए महाभारत के विभिन्न पात्रों और घटनाओं को दर्शाया गया है साथ ही इसे विभिन्न सजावटी तत्वों और रोशनी से सजाया गया है। गणेश के भव्य पंडाल में हर रोज बड़ी संख्या में दर्शन करने श्रद्धालु आ रहे है। 

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