मुंबई : शिल्पा-शमिता संग गीता का दिवाली अभियान - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 12 सितंबर 2025

मुंबई : शिल्पा-शमिता संग गीता का दिवाली अभियान

Shilpa-shetti
मुंबई (अनिल बेदाग) : श्री पृथ्वीराज शेट्टी की पहल भगवद गीता फॉर ऑल (बीजीएफए) ने अपना पहला त्योहार-विशेष अभियान लॉन्च किया है। इस मौके पर बॉलीवुड अभिनेत्री, योग और वेलनेस की पहचान शिल्पा शेट्टी तथा उनकी बहन शमिता शेट्टी को जोड़ा गया है। “आंतरिक प्रकाश का उपहार” थीम पर आधारित यह पहल दिवाली से पहले शुरू की गई है। इसका उद्देश्य यह संदेश देना है कि जैसे दीपावली पर घर दीपों से आलोकित होते हैं, वैसे ही गीता का ज्ञान भी हर परिवार के जीवन को शांति, संतुलन और शक्ति से प्रकाशित कर सकता है। सरलीकृत शिक्षाओं, इंटरैक्टिव प्रेजेंटेशन और व्यावहारिक मार्गदर्शन के माध्यम से बीजीएफए ने गीता को आधुनिक परिवारों के लिए मानसिक सुकून, आत्मबल और रिश्तों को मजबूत करने वाला साधन बताया है। श्री पृथ्वीराज शेट्टी का मानना है कि योग और समग्र जीवनशैली के प्रति शिल्पा शेट्टी की प्रतिबद्धता उन्हें इस अभियान का उपयुक्त चेहरा बनाती है। उन्होंने कहा, “शिल्पा परंपरा और आधुनिकता का सुंदर संगम हैं। स्वास्थ्य और संतुलन की उनकी जीवनयात्रा BGFA की उस सोच को दर्शाती है जो गीता के शाश्वत ज्ञान को आज के दौर के घर-परिवार तक पहुँचाना चाहती है।”


शिल्पा शेट्टी ने भी अपने विचार साझा किए: “योग हमें भीतर से जोड़ता है और गीता इस जुड़ाव को और गहरा करती है। यह सिर्फ एक पुस्तक नहीं बल्कि जीवन का मार्गदर्शन है। इस दिवाली, मुझे लगता है कि अपने प्रियजनों को गीता उपहार में देना सबसे मूल्यवान तोहफा होगा। यह रोशनी, सद्भाव और आंतरिक शक्ति का प्रतीक है।” वहीं शमिता शेट्टी ने कहा कि भगवद गीता फॉर ऑल ने गीता की सीख को युवाओं और नए दर्शकों तक आधुनिक रूप में पहुँचाया है। उनके अनुसार, यह ऐसा उपहार है जिसकी प्रेरणा आने वाली पीढ़ियों तक बनी रहती है। भगवद गीता फॉर ऑल की स्थापना श्री पृथ्वीराज शेट्टी ने की थी। यह पहल गीता के कालजयी ज्ञान को समकालीन समाज के लिए सरल, रोचक और उपयोगी बनाने पर केंद्रित है। आधुनिक कहानी कहने की शैली और इंटरैक्टिव माध्यमों से बीजीएफए गीता को व्यक्तिगत विकास, मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक सामंजस्य के लिए एक जीवन-मार्गदर्शक के रूप में स्थापित कर रहा है।

कोई टिप्पणी नहीं: