- स्टेयर्स फाउंडेशन ने शुरू किया ‘एक बिहार एक लक्ष्य’ – गाँव-गाँव तक पहुँचेगी खेल क्रांति, सुमित प्रकाश बने बोर्ड के प्रमुख
उक्त अवसर पर मुख्य अतिथि समस्तीपुर की सांसद सुश्री शांभवी चौधरी और विशिष्ट अतिथि जमुई की विधायक सुश्री श्रेयसी सिंह ने इस पहल को बिहार की खेल प्रतिभाओं के लिए ऐतिहासिक बताया। इसके अलावा, स्टेयर्स फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ उपाध्याय, मुख्य सलाहकार (खेल उत्कृष्टता) एवं पूर्व उपमहानिदेशक, भारतीय खेल प्राधिकरण श्री शिव शर्मा, और अल्फा स्पोर्ट्स अकादमी के निदेशक श्री सुमित प्रकाश भी उपस्थित रहे। इस मौके पर श्री सुमित प्रकाश ने कहा – “बिहार में अपार खेल प्रतिभा है जो सही अवसर और संरचना की प्रतीक्षा कर रही है। स्टेयर्स के राष्ट्रीय अनुभव और बिहार स्पोर्ट्स बोर्ड की सामूहिक शक्ति से हम यह सुनिश्चित करेंगे कि गाँव का हर बच्चा राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय मंच तक पहुँच सके।” वहीं, स्टेयर्स फाउंडेशन के अध्यक्ष श्री सिद्धार्थ उपाध्याय ने कहा कि “एक बिहार एक लक्ष्य (EBEL) के माध्यम से हम हर लड़के और लड़की तक खेल का अवसर पहुँचाएँगे और बिहार को राष्ट्रीय खेल मानचित्र पर प्रमुख स्थान दिलाएँगे।” मुख्य अतिथि सुश्री शांभवी चौधरी ने कहा कि यह पहल माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की जमीनी खेलों को प्रोत्साहन देने की दृष्टि के अनुरूप है और इससे 2036 ओलंपिक की तैयारी का मजबूत आधार बनेगा। वहीं विशिष्ट अतिथि सुश्री श्रेयसी सिंह ने कहा कि “खेलों में हो रहे इस बड़े बदलाव से बिहार के खिलाड़ी अब बड़े सपने देख सकेंगे और उन्हें साकार करने का स्पष्ट मार्ग मिलेगा।” श्री शिव शर्मा ने इसे राज्य और केंद्र के बीच खेल विकास का सेतु करार दिया।
कार्यक्रम के दौरान EBEL की प्रमुख झलकियाँ भी साझा की गईं। इसके अंतर्गत बिहार के प्रत्येक गाँव में युवा क्लब स्थापित किए जाएँगे और 15 खेलों के लिए उच्च-प्रदर्शन केंद्र (High Performance Centers) बनाए जाएँगे। साथ ही, नवंबर माह (या विधानसभा चुनावों के बाद) राज्य स्तरीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन होगा, जिनमें चयनित खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर One India One Goal बैनर के तहत हिस्सा लेंगे। स्टेयर्स फाउंडेशन ने बताया कि यह कार्यक्रम केवल खेल विकास तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) में खेलों पर दिए गए विशेष जोर और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) जैसे स्वास्थ्य, लैंगिक समानता और युवा सशक्तिकरण से भी जुड़ा होगा। इसके तहत न केवल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारा जाएगा बल्कि गाँव स्तर पर सामाजिक और शैक्षिक विकास को भी गति दी जाएगी।

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