वर्ष 2022 से डब्ल्यूपीए की अगुवाई कर रहे फिट्ज़गेराल्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि यह प्रयास केवल एक बार का आयोजन नहीं है। वे कहते हैं, “यह निश्चित रूप से एक बार की घटना नहीं है। यहाँ नवीनीकरण से पहले भी हमने ग्रां प्री आयोजित किया था। अगले तीन वर्षों के लिए हर साल ग्रां प्री कराने का अनुबंध है। भारत के पैरा समुदाय तक जो पहुँच हो रही है, वह अत्यंत महत्वपूर्ण है।” हाल ही में तीसरी बार आईपीसी अध्यक्ष बने पार्सन्स ने भी सहमति जताते हुए कहा, “यहाँ विकास साफ दिखता है। सरकार का सहयोग स्पष्ट है और हम भारत में पैरा खेलों की पारिस्थितिकी को और बेहतर समझने की कोशिश कर रहे हैं। यह एक सतत प्रक्रिया है लेकिन गति सकारात्मक है।”
अपने देश ब्राज़ील के अनुभव का हवाला देते हुए पार्सन्स ने आगे कहा , “जब किसी देश का नेतृत्व दिलचस्पी लेता है, तो बड़ा बदलाव होता है। हमने यह अनुभव रियो 2016 में किया था। आज भारत भी वही वादा और संभावना दिखा रहा है।” फिट्ज़गेराल्ड ने अंत में आयोजन के गहरे महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा, “मेरे लिए यह केवल पदक जीतने की बात नहीं है, बल्कि व्यक्तिगत श्रेष्ठ प्रदर्शन, दूसरों को प्रेरित करने और लंबे समय तक टिकने वाली विरासत बनाने की बात है। ये चैंपियनशिप्स भारत में पैरा खेलों की असली शुरुआत का प्रतीक हैं।” भारत के प्रतिस्पर्धी और मेज़बान दोनों रूपों में उभरने के साथ, इंडियनऑइल नई दिल्ली 2025 विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप्स को देश के पैरा खेल आंदोलन के लिए एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।

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