आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय में शोध एवं अकादमिक गतिविधियों में निरंतर प्रगति देखी जा रही है। मेडिकल, इंजीनियरिंग, सोशल साइंस और शिक्षा संकायों के अंतर्गत संबद्ध संस्थानों में किए जा रहे शोध कार्यों के परिणामस्वरूप इस वर्ष 67 शोधार्थियों ने अपने Ph.D. शोधकार्य को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है। इन शोधार्थियों को भी दीक्षांत समारोह में सम्मानित किया जाएगा। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय की शोध-उन्मुख नीति और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा का स्पष्ट प्रमाण है, जो इसे राज्य के अग्रणी शैक्षणिक संस्थानों में शामिल करती है। कुलपति तथा विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और शोधार्थी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका मानना है कि दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक औपचारिकता नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के करियर निर्माण और भविष्य की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह समारोह विद्यार्थियों को समाज, शोध, विज्ञान और अन्य क्षेत्रों में सार्थक योगदान देने के लिए प्रेरित करेगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने सभी सफल विद्यार्थियों और शोधार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
पटना (रजनीश के झा)। आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना का नवम् दीक्षांत समारोह 2025 इस वर्ष विशेष रूप से महत्वपूर्ण होने वाला है। इसमें महामहिम राज्यपाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। विश्वविद्यालय के इस शैक्षणिक सत्र में कुल 29,955 विद्यार्थी विभिन्न संकायों और संस्थानों से सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हुए हैं। इनमें से 2,076 विद्यार्थियों ने दीक्षांत समारोह में भाग लेने के लिए पंजीकरण कराया है, जो अपने-अपने संकायों का प्रतिनिधित्व करेंगे। पंजीकृत विद्यार्थियों में 1,154 छात्राएँ और 922 छात्र शामिल हैं, जो विश्वविद्यालय में बढ़ती हुई महिला भागीदारी को रेखांकित करता है। इस वर्ष विश्वविद्यालय द्वारा उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों को सम्मानित करते हुए कुल 63 विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किए जाएंगे। इनमें 47 छात्राएँ और 16 छात्र शामिल हैं। इस सम्मान के चयन का आधार विभिन्न संकायों में श्रेष्ठ परीक्षा परिणाम, नवाचार, शोध कार्य और अकादमिक प्रदर्शन है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि गोल्ड मेडल पाने वाले विद्यार्थी संस्थान की प्रतिभा, परिश्रम और गुणवत्ता का प्रतिनिधित्व करते हैं।

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