- जनता बदलाव के मूड में है, अगले चरण में साजिशों को धता बताकर निर्णायक वोट देगी

पटना, 6 नवंबर (रजनीश के झा)। भाकपा(माले) महासचिव का. दीपंकर भट्टाचार्य ने आज कहा कि पहले चरण के मतदान के दौरान राज्य के कई इलाकों से भारी धांधली, हिंसा और डिस्टर्बेंस की खबरें आई हैं, जो इस बात का साफ़ संकेत हैं कि एनडीए सरकार जनता का भरोसा खो चुकी है और अब सत्ता से बाहर होने जा रही है। उन्होंने कहा कि गांव से लेकर शहर तक बदलाव की जबरदस्त लहर है। जनता इस बार अपने वोट से बिहार में नई राजनीति, नया नेतृत्व और नई दिशा देने के लिए तैयार है। एनडीए की घबराहट इसी लहर की पहचान है। का. दीपंकर ने कहा कि तरारी, अगिआंव, सिवान, भोरे, और कई अन्य इलाकों से रिपोर्टें आई हैं कि महागठबंधन समर्थक मतदाताओं को मतदान से रोकने की कोशिशें, हमले, और फर्जी मतदान जैसी घटनाएं हुईं। दलित, महादलित, अल्पसंख्यक और गरीब तबकों के वोटरों के नाम मतदाता सूची से गायब कर दिए गए, जबकि फर्जी नाम जोड़े गए। उन्होंने कहा कि यह सब एसआईआर और प्रशासनिक मशीनरी के दुरुपयोग के ज़रिए किया गया। चुनाव आयोग को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए और लोकतांत्रिक प्रक्रिया की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। का. दीपंकर ने कहा कि इन तमाम साजिशों, हिंसक बाधाओं और धांधलियों के बावजूद जनता का भरोसा महागठबंधन में मज़बूती से बना हुआ है। बिहार के लोग रोज़गार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक न्याय और शांति के लिए बदलाव चाहते हैं। उन्होंने कहा कि हमें पूरा विश्वास है कि दूसरे चरण में जनता पहले से भी ज्यादा जोश और एकजुटता के साथ इन साजिशों को धता बताकर वोट करेगी, और महागठबंधन की सरकार बनाएगी।
वैश्विक स्तर पर भी लोकतंत्र और न्याय की जीत
का. दीपंकर ने न्यूयॉर्क सिटी में ज़ोहरान ममदानी की ऐतिहासिक जीत का स्वागत करते हुए कहा कि यह सिर्फ अमेरिका की राजनीति का नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में लोकतंत्र, समानता और मानवाधिकारों के लिए लड़ने वालों का उत्सव है। उन्होंने कहा “ज़ोहरान ममदानी की जीत ट्रम्प और नेतन्याहू की सबसे करारी हार है। यह फ़िलिस्तीन की आज़ादी, प्रवासियों की सुरक्षा और गरिमा, और मुसलमानों के समान अधिकारों के पक्ष में लड़ने वाली दुनिया भर की प्रगतिशील ताक़तों की बड़ी जीत है।” साथ ही, उन्होंने जेएनयू में लेफ्ट छात्र संगठनों की एबीवीपी पर निर्णायक जीत को देश के युवाओं की बदलती चेतना और सांप्रदायिकता-विरोधी, लोकतांत्रिक राजनीति की मजबूती का प्रतीक बताया।
बदलाव का दौर शुरू हो चुका है
भाकपा(माले) महासचिव ने कहा कि बिहार की जनता ने अपने अनुभव से समझ लिया है कि एनडीए का शासन गरीबी, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार, दमन और साम्प्रदायिक नफ़रत का पर्याय बन चुका है। अब जनता न्यायपूर्ण, समानता पर आधारित, रोज़गार देने वाली और सम्मानजनक शासन चाहती है।
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