जिलाधिकारी द्वारा इसके अतिरिक्त जिला नीलाम पत्र वाद , जिला स्तरीय जनता दरबार में प्राप्त आवेदन, सी पी ग्राम, जनता के दरबार में मुख्यमंत्री कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों, माननीय उच्च न्यायालय में चल रहे मामलों, सूचना का अधिकार, मानवाधिकार आदि से संबंधित मामलों की बारी बारी से समीक्षा की गई। नीलाम पत्र वादों की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियो को इसे सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर तेजी से निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी नीलाम पत्र पदाधिकारी बड़े राशि वाले कम से कम पाँच मामले का चयन कर उसका निष्पादन करे। विभागीय कारवाही की समीक्षा के क्रम में निर्देश दिया कि विभागीय कार्यवाही के मामले में संचालन पदाधिकारी निर्धारित अवधि के अंदर अपनी रिपोर्ट दे। कर्मियों के लॉगबुक की समीक्षा के क्रम में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि कार्यालयों में लॉग बुक का संबधित पदाधिकारी नियमित रूप से जाँच करे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि समय से संचिकाओं को प्रस्तुत नही करने वाले सहायकों पर करवाई करे। जिलाधिकारी ने उपस्थित पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जन शिकायतों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ समय से निष्पादन करना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि माननीय उच्च न्यायालय में लंबित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता में रखकर कार्य करे । इसमें थोड़ी भी शिथिलता या लापरवाही बर्दाश्त नही की जाएगी।उन्होंने कहा कि अनावश्यक रूप से लंबित रखने वाले पदाधिकारी को स्पष्टीकरण करे। समीक्षा के क्रम में सिडब्लूजेसी में शिक्षा विभाग एवं भूअर्जन विभाग में सबसे अधिक मामले लंबित, पाए गए। जिलाधिकारी इस पर कहा कि एक सप्ताह के अंदर प्रगति लाने का निर्देश दिया। उक्त बैठक में एडीएम मुकेश रंजन झा , जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजेश कुमार, डीटीओ मधुबनी, सिविल सर्जन डॉ हरेंद्र कुमार, निर्देशक डीआरडीए,डीपीओ नमामि गंगे आनंद अंकित, जिला समन्वयक आईसीडीएस स्मित प्रतीक, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी सहित सभी विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी आदि उपस्थित थे।
मधुबनी 17 नवम्बर, जिलाधिकारी आनंद शर्मा की अध्यक्षता में डीआरडीए स्थित सभाकक्ष में जिला स्तरीय सभी विभागों के वरीय पदाधिकारियों के साथ अंतर विभागीय समन्वय ,विभिन्न विकास योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता एवं कार्यालय गतिविधियों की साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित किया गया । जिलाधिकारी ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक सोमवार को इस बैठक में अंतर्विभागीय समस्याओं का निष्पादन किया जाएगा ताकि विकास कार्यों में तेजी लाई जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि बैठक में प्राप्त भूमि अतिक्रमण,भूमि की उपलब्धता,भूमि का सीमांकन आदि मामलों को पोर्टल पर डालने हेतु कहा तथा उन्होंने कहा कि इसे एडीएम राजस्व मुकेश रंजन देखेंगे एवं अगली बैठक में उसकी प्रगति से अवगत करवाना सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने कहा कि अंतर विभागीय मामलों में सिर्फ पत्राचार से काम नहीं चलेगा,इसमें तीव्रगति से समाधान करना होगा ताकि विकास योजनाओं को ससमय क्रियान्वित किया जा सके।बैठक में शिक्षा विभाग के कुछ विद्यालयों में अतिक्रमण,भूमि की उपलब्धता एवं सीमांकन आदि मामलों को अविलंब समाधान हेतु अपर समाहर्ता मुकेश रंजन को जिलाधिकारी ने निर्देश दिया। बस स्टैंड के लिए आवंटित भूमि का शीघ्र सीमांकन करने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने जिले के शेष छुटे हुए टोला में नल जल योजना के क्रियान्वयन हेतु भूमि की उपलब्धता के लिए भी निर्देश दिए। इसके अतिरिक्त कई विभागों द्वारा सड़क निर्माण हेतु भू अर्जन, कार्यालयों एवं योजनाओं के लिए भूमि की उपलब्धता,भूमि अतिक्रमण,एनओसी आदि मामलों को जिलाधिकारी द्वारा अविलंब समाधान का निर्देश दिया।जिलाधिकारी ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया कि अंतर्विभागीय मामलों का अविलंब समाधान करे ताकि विकास कार्यों को तेज गति प्रदान की जा सके।

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