सीहोर : वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, वृद्धजनों के शुगर, बीपी, जोड़ों के दर्द की जांच - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

रविवार, 30 नवंबर 2025

सीहोर : वृद्धाश्रम में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, वृद्धजनों के शुगर, बीपी, जोड़ों के दर्द की जांच

Old-age-home-sehore
सीहोर। रविवार को शहर के सैकड़ाखेड़ी स्थित संकल्प वृद्धाश्रम में निशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ श्रद्धा भक्ति सेवा समिति के संचालक राहुल सिंह के मार्गदर्शन में संस्कार मंच के धर्मेन्द्र माहेश्वरी और आकाश राय ने किया। इसमें बुजुर्गों को अंग वस्त्र और फल का वितरण किया गया। चिकित्सकों ने बुजुर्गों की बीपी, शुगर, रक्त जांच समेत अन्य स्वास्थ्य परीक्षण किया। इसके बाद केन्द्र के डॉ. दीपक और नर्स संगीता सेन ने उन्हें आवश्यक परामर्श और दवाएं दी।


इस मौके पर केन्द्र की ओर से बाबू सिंह ने बताया कि आगामी दिनों में यहां पर मौजूद डेढ़ दर्जन से अधिक वृद्धजनों का वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा आंखों की जांच की जाएगी। जांच के बाद मोतियाबिंद के मरीजों के नि:शुल्क ऑपरेशन किए जाएंगे। इस मौके पर समिति के संचालक श्री सिंह ने बताया कि  बढ़ती उम्र में बीपी, शुगर, जोड़ो में दर्द और मौसमी बीमारियों का खतरा अधिक होता है। वृद्धजनों में शुगर और जोड़ों का दर्द अक्सर आपस में जुड़े होते हैं, क्योंकि अनियंत्रित मधुमेह मांसपेशियों, नसों और जोड़ों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे दर्द, अकड़न और सूजन होती है। इन समस्याओं से बचने के लिए, रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने के लिए संतुलित आहार, नियमित व्यायाम और वजन प्रबंधन आवश्यक है। गाउट डिजीज गठिया बीमारी का ही एक प्रकार है जो शरीर में यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने के कारण होता है। जोड़ों में दर्द व सूजन इस बीमारी के आम लक्षण हैं। इस बीमारी से पीड़ित लोगों को उठने-बैठने में कठिनाई होती है, साथ ही हाथ-पैर में चुभन वाला असहनीय दर्द भी होता है। बता दें कि हाई यूरिक एसिड के मरीजों के शरीर में ये एसिड छोट-छोटे क्रिस्टल्स के फॉर्म में हाथ-पैर के जोड़ों में जमा हो जाते हैं। इसके कारण लोगों में गाउट से पीड़ित होने का खतरा बढ़ता है।

कोई टिप्पणी नहीं: