- न्यूज़ीलैंड में सना रहीस खान का नया रूप, जब सना रहीस खान ने कोर्टरूम की जगह आसमान चुना
सना कहती हैं, “हर जीत के पीछे घंटों की तैयारी, तनाव और त्याग होता है। काम और रोमांच के बीच संतुलन मेरे लिए ज़रूरी है। न्यूज़ीलैंड ने मुझे वो स्पेस दिया जहाँ मैं फिर से खुद से जुड़ सकी। 15,000 फीट की ऊँचाई से छलांग लगाना मेरे लिए सिर्फ एडवेंचर नहीं था, बल्कि अपनी सीमाओं को परखने और डर को छोड़ देने का तरीका था।” कोर्टरूम की क्रूसेडर से लेकर स्काइडाइविंग एडवेंचरर तक, सना रहीस खान की ये यात्रा याद दिलाती है कि असली ताकत सिर्फ़ डटे रहने में नहीं, बल्कि कभी-कभी छोड़ देने और उड़ जाने में भी है। वापसी पर उनकी मुस्कान और ऊर्जा साफ़ बताती है कि ये सिर्फ़ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक रिन्यूअल था जहाँ उन्होंने अपने भीतर की शक्ति और शांति दोनों को फिर से खोज लिया। “एडवेंचर आपको विनम्र बनाता है,” सना मुस्कुराते हुए कहती हैं। “ये सिखाता है कि आप एक साथ शक्तिशाली और शांत हो सकते हैं, यही संतुलन मैं अपनी ज़िंदगी और अपने पेशे दोनों में बनाए रखना चाहती हूँ।”

कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें