मुंबई : सना रहीस खान का एडवेंचर भरा ब्रेक, कानून की शेरनी बनी स्काइडाइविंग क्वीन - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

Breaking

प्रबिसि नगर कीजै सब काजा । हृदय राखि कौशलपुर राजा।। -- मंगल भवन अमंगल हारी। द्रवहु सुदसरथ अजिर बिहारी ।। -- सब नर करहिं परस्पर प्रीति । चलहिं स्वधर्म निरत श्रुतिनीति ।। -- तेहि अवसर सुनि शिव धनु भंगा । आयउ भृगुकुल कमल पतंगा।। -- राजिव नयन धरैधनु सायक । भगत विपत्ति भंजनु सुखदायक।। -- अनुचित बहुत कहेउं अग्याता । छमहु क्षमा मंदिर दोउ भ्राता।। -- हरि अनन्त हरि कथा अनन्ता। कहहि सुनहि बहुविधि सब संता। -- साधक नाम जपहिं लय लाएं। होहिं सिद्ध अनिमादिक पाएं।। -- अतिथि पूज्य प्रियतम पुरारि के । कामद धन दारिद्र दवारिके।।

शुक्रवार, 7 नवंबर 2025

मुंबई : सना रहीस खान का एडवेंचर भरा ब्रेक, कानून की शेरनी बनी स्काइडाइविंग क्वीन

  • न्यूज़ीलैंड में सना रहीस खान का नया रूप, जब सना रहीस खान ने कोर्टरूम की जगह आसमान चुना

Sana-rahis-khan
मुंबई (अनिल बेदाग): बीते एक साल में लगातार चर्चित मुकदमों में जीत दर्ज कर कानूनी दुनिया में अपनी पहचान और भी मजबूत करने वाली जानी-मानी वकील सना रहीस खान अब अदालतों के तनाव से दूर, नई ऊर्जा के साथ लौटने के लिए न्यूज़ीलैंड की खूबसूरत वादियों में सुकून के पल बिता रही हैं। काले गाउन की जगह अब उन्होंने पहने हैं बूट्स और स्नो जैकेट्स और कोर्टरूम की बहसों से हटकर अब आसमान की ऊँचाइयों से छलांग लगाई है। सना का यह ट्रिप किसी आम छुट्टी जैसा नहीं, बल्कि एक सिनेमाई एडवेंचर बन गया जहाँ उन्होंने 15,000 फीट की ऊँचाई से स्काइडाइविंग की, ग्लेशियरों के ऊपर हेलिकॉप्टर से उड़ान भरी, बर्फ़ से ढकी चोटियों पर लैंडिंग की, मिलफोर्ड साउंड के जादुई नज़ारों का आनंद लिया, ग्लेनॉर्की की परीकथा जैसी घाटियों में टहलीं, वानाका ट्री के पास तस्वीरें खिंचवाईं और पहाड़ों व धुंध के बीच सपनों जैसे ट्रेल्स पर हाइकिंग की। हर तस्वीर में दिखता है उनका वही संतुलन ताकत और शांति का, महत्वाकांक्षा और विनम्रता का।


सना कहती हैं,  “हर जीत के पीछे घंटों की तैयारी, तनाव और त्याग होता है। काम और रोमांच के बीच संतुलन मेरे लिए ज़रूरी है। न्यूज़ीलैंड ने मुझे वो स्पेस दिया जहाँ मैं फिर से खुद से जुड़ सकी। 15,000 फीट की ऊँचाई से छलांग लगाना मेरे लिए सिर्फ एडवेंचर नहीं था, बल्कि अपनी सीमाओं को परखने और डर को छोड़ देने का तरीका था।” कोर्टरूम की क्रूसेडर से लेकर स्काइडाइविंग एडवेंचरर तक, सना रहीस खान की ये यात्रा याद दिलाती है कि असली ताकत सिर्फ़ डटे रहने में नहीं, बल्कि कभी-कभी छोड़ देने और उड़ जाने में भी है। वापसी पर उनकी मुस्कान और ऊर्जा साफ़ बताती है कि ये सिर्फ़ एक ट्रिप नहीं, बल्कि एक रिन्यूअल था  जहाँ उन्होंने अपने भीतर की शक्ति और शांति दोनों को फिर से खोज लिया। “एडवेंचर आपको विनम्र बनाता है,” सना मुस्कुराते हुए कहती हैं। “ये सिखाता है कि आप एक साथ शक्तिशाली और शांत हो सकते हैं, यही संतुलन मैं अपनी ज़िंदगी और अपने पेशे दोनों में बनाए रखना चाहती हूँ।”

कोई टिप्पणी नहीं: