पटना : बिहार के लिए रवाना हुआ दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, तमिलनाडु से आ रहा है पूर्वी चंपारण - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 24 नवंबर 2025

पटना : बिहार के लिए रवाना हुआ दुनिया का सबसे बड़ा शिवलिंग, तमिलनाडु से आ रहा है पूर्वी चंपारण

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पटना (रजनीश के झा)। पूर्वी चंपारण के केसरिया  में निर्माणाधीन विराट रामायण मंदिर के लिए तैयार 33 फीट ऊंचा, 210 मीट्रिक टन वजनी शिवलिंग अपने गंतव्य के लिए रवाना हो चुका है. तमिलनाडु के महाबलीपुरम में बीते दस वर्षों से यह शिवलिंग बन रहा था और अब 96 चक्का वाले विशेष ट्रांसपोर्ट वाहन से इसे बिहार लाया जा रहा है. शुक्रवार, 21 नवंबर को पूजा-पाठ के बाद शिवलिंग विदाई समारोह के साथ रवाना किया गया. आज 24 नवंबर को यह यात्रा अपने शुरुआती पड़ावों की ओर बढ़ रही है. यह शिवलिंग महाबलीपुरम के पट्टीकाडु गांव में तैयार किया गया है, जहां शिल्पकार लोकनाथ और उनकी टीम ने लगभग 10 वर्ष तक इस पर निरंतर कार्य किया है. शिवलिंग एक ही विशाल ग्रेनाइट पत्थर से निर्मित है, जो इसे भारतीय शिल्पकला का अद्भुत नमूना बनाता है. निर्माण प्रक्रिया में सटीकता, परिश्रम और पारंपरिक दक्षिण भारतीय नक्काशी शैली की झलक स्पष्ट दिखाई देती है.शिवलिंग निर्माण कराने वाली कंपनी के संस्थापक विनायक वेंकटरमण ने बताया कि इस शिवलिंग पर लगभग तीन करोड़ रुपए खर्च हुए हैं. इसके परिवहन की तैयारी भी महीनों पहले से शुरू हो गई थी. 210 मीट्रिक टन वजन होने के कारण इसे ले जाने के लिए विशेष डिजाइन वाला 96 चक्का ट्रक तैयार किया गया है. यह यात्रा करीब 20 से 25 दिनों में पूरी होगी.शिवलिंग की यात्रा तमिलनाडु से शुरू होकर आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से गुजरते हुए बिहार पहुंचेगी. यात्रा के हर प्रमुख पड़ाव पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों द्वारा शिवलिंग का स्वागत किया जाएगा. आयोजकों के अनुसार कई जगहों पर विशेष पूजा और आरती भी आयोजित की जा सकती है.पूर्वी चंपारण पहुंचने के बाद यह शिवलिंग विराट रामायण मंदिर परिसर में स्थापित किया जाएगा. मंदिर प्रशासन का अनुमान है कि दिसंबर महीने के आखिरी सप्ताह तक यह शिवलिंग मंदिर प्रांगण तक पहुंच जाएगा. इसके बाद गर्भगृह में प्रतिष्ठा प्रक्रिया शुरू होगी. संभावना है कि नए वर्ष की पहली तिमाही में शिवलिंग का स्थापना होगा साथ ही विधिवत स्थापना समारोह आयोजित किया जाएगा.यह शिवलिंग आकार और वजन के आधार पर देश के किसी भी मंदिर में स्थापित होने वाला सबसे बड़ा शिवलिंग माना जा रहा है. इससे बिहार धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम रख रहा है. इसके स्थापित होने के बाद विश्व के सबसे बड़े मंदिरों में गिने जाने वाले विराट रामायण मंदिर की भव्यता और बढ़ जाएगी.महावीर मंदिर न्यास समिति द्वारा बनाए जा रहे इस मंदिर का आकार बेहद विशिष्ट है. यह 1080 फीट लंबा और 540 फीट चौड़ा होगा. कुल 18 शिखरों के साथ 22 उप-मंदिर भी परिसर में निर्मित किए जाएंगे. मुख्य शिखर की ऊंचाई 270 फीट होगी, जबकि अन्य शिखर 90 फीट से 180 फीट तक की ऊंचाई में विभाजित होंगे. मंदिर में चार आश्रम, विशाल प्रांगण, गर्भगृह और विभिन्न तीर्थ स्थलों के प्रतीक स्वरूप संरचनाएं शामिल की जा रही हैं.बिहार राज्य धार्मिक न्यास परिषद के सदस्य और महावीर मंदिर न्यास समिति से जुड़े सायण कुणाल ने बताया कि मंदिर का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के लिए कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है. 20 जून 2023 को शिलान्यास के बाद से ही नींव, प्रवेश द्वार, सिंह द्वार, नंदी मंडप और गर्भगृह का पाइलिंग कार्य पूरा किया जा चुका है.

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