पटना : “डिजिटल कृषि के माध्यम से किसानों का सशक्तिकरण” पर किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ - Live Aaryaavart (लाईव आर्यावर्त)

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सोमवार, 1 दिसंबर 2025

पटना : “डिजिटल कृषि के माध्यम से किसानों का सशक्तिकरण” पर किसान प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ

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पटना (रजनीश के झा)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना में दिनांक 01 दिसंबर 2025 को “कौशल से किसान समृद्धि “कार्यक्रम के अंतर्गत “डिजिटल कृषि के माध्यम से किसानों का सशक्तिकरण” विषय पर पाँच दिवसीय किसान प्रशिक्षण का शुभारंभ किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम अनुसूचित जाति उप योजना के अंतर्गत प्रायोजित है। संस्थान के निदेशक डॉ. अनुप दास ने प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए अपने संबोधन में कहा कि डिजिटल कृषि तकनीकें भारतीय कृषि के भविष्य को नया आयाम दे रही हैं। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवा कृषकों को भविष्य में आने वाली कृषि चुनौतियों के लिए तैयार करना है | डॉ. दास ने बताया कि आज सभी जानकारियों तक हमारे मोबाइल फोन द्वारा पहुंचा जा सकता है, और किसान भाइयों को कृषि ऐप, इंटरनेट एवं नई तकनीकों को सीखकर उद्यमी बनना चाहिए। 


इससे पूर्व, कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. धीरज कुमार सिंह, वरिष्ठ वैज्ञानिक, के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने किसानों को डिजिटल तकनीकों से जोड़ने के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इस प्रशिक्षण की प्रासंगिकता बताई। इसके बाद डॉ. आशुतोष उपाध्याय, प्रमुख, भूमि एवं जल प्रबंधन प्रभाग ने कंप्यूटर में एम.एस. वर्ड, एक्सेल एवं पावरपॉइंट की उपयोगिता और महत्ता पर विस्तृत प्रकाश डाला तथा डिजिटल कृषि उपकरणों तथा उनके व्यावहारिक उपयोग पर विस्तृत जानकारी दी। डॉ. उज्ज्वल कुमार, प्रमुख, सामाजिक-आर्थिक एवं प्रसार प्रभाग ने कार्यक्रम की रूपरेखा के बारे में बताते हुए कहा कि डिजिटल कृषि आने वाले समय की सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता है और यह किसानों को आधुनिक प्रौद्योगिकियों से जोड़कर कृषि उत्पादन क्षमता को बढ़ाने में सहायक होगी। डॉ. ए.के. चौधरी, कार्यकारी प्रमुख, फसल अनुसंधान प्रभाग ने भी डिजिटल नवाचारों तथा किसानों के बीच तकनीकी संवर्धन के महत्व पर विचार साझा किए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रोहन कुमार रमण ने सभी प्रतिभागियों तथा वैज्ञानिकों के प्रति आभार व्यक्त किया। विदित हो कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 5 दिनों तक चलेगा, जिसमें किसानों को डिजिटल कृषि उपकरणों, मोबाइल ऐप्स, सेंसर-आधारित खेती, ड्रोन तकनीक तथा डेटा-आधारित कृषि प्रबंधन जैसे विषयों पर व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

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