पटना (रजनीश के झा)। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना द्वारा निदेशक डॉ. अनुप दास के नेतृत्व में दियारा क्षेत्र के किसानों हेतु उन्नत पैकेज एंड प्रैक्टिस (कृषि प्रबंधन पद्धतियाँ) पर आधारित एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम पूर्वी चंपारण जिले के संग्रामपुर प्रखंड स्थित काश फिशरीज फार्म में आयोजित हुआ। कार्यक्रम के दौरान डॉ. अमिताभ डे ने किसानों के साथ दियारा क्षेत्र में उन्नत कृषि पद्धतियों एवं आजीविका सुधार के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने किसानों को समेकित कृषि प्रणाली अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जो पारंपरिक कृषि पद्धतियों की तुलना में अधिक लाभकारी, टिकाऊ एवं आयवर्धक है। पशुधन एवं मत्स्य प्रबंधन विभाग के प्रमुख डॉ. कमल शर्मा ने दियारा क्षेत्र के संदर्भ में समेकित मत्स्य पालन के विभिन्न घटकों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने किसानों को तालाब के मेढ़ों का प्रभावी उपयोग करते हुए मौसमी सब्जियों के उत्पादन हेतु प्रेरित किया, जिससे न केवल उनकी आय में वृद्धि होगी, बल्कि परिवार के पोषण स्तर में भी सुधार होगा। कार्यक्रम में वैज्ञानिक डॉ. तारकेश्वर कुमार ने किसानों को मिश्रित मत्स्यपालन, रोग प्रबंधन तथा इसके वैज्ञानिक तरीकों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। श्री यतेन्द्र कश्यप, चेयरमैन, काश फिशरीज, संग्रामपुर, मोतिहारी ने अपने द्वारा विकसित मत्स्य फार्म के संचालन मॉडल पर प्रकाश डाला। उन्होंने मत्स्य पालन के साथ-साथ रंगीन मछलियों के उत्पादन एवं प्रबंधन से जुड़ी तकनीकों एवं बाज़ार संभावनाओं की जानकारी भी साझा की। इस कार्यक्रम की सफलता में श्री अमरेंद्र कुमार, तकनीकी अधिकारी, का योगदान सराहनीय रहा, जिन्होंने कार्यक्रम के संचालन एवं किसान सहभागिता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
शुक्रवार, 5 दिसंबर 2025
पटना : दियारा किसानों के लिए एक दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम
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