उन्होंने कहाकि भागवत कथा का श्रवण इसलिए ज़रूरी है क्योंकि यह मन को शुद्ध करती है, संस्कारों को जगाती है, जीवन जीने की कला सिखाती है और जन्म-जन्मांतर के पापों को नष्ट कर मुक्ति दिलाती है; यह कलियुग में मोक्ष प्राप्ति का सबसे सरल मार्ग है, क्योंकि यह स्वयं भगवान का शाब्दिक रूप है और इसके सुनने से परमानंद की प्राप्ति होती है, जो अन्य साधनाओं से कठिन है। शरीर भगवान की धरोहर है, शरीर जिस पर व्यक्ति नाज करता है वह भगवान का दिया गया प्रसाद है। जिसे खराब करने का अधिकार किसी को नहीं है। लेकिन कुछ लोग नशे की बुरी आदतों में फंस कर अपना शरीर खराब करने में लगे हुए हैं। नशा नाश की जड़ है। इससे हमें स्वयं दूर रहकर दूसरों को इससे दूरी बनाए रखने के लिए प्रेरित करना चाहिए। अगर आप नशा करते हैं तो आपकी संतान भी नशा करने लगेगी। जिससे धन व यश का नाश तो होता ही है। साथ ही आप अपने शरीर को खोखला कर देते हैं।
सीहोर। शहर के इंदौर नाके पर हर साल की तरह इस साल भी कथा वाचक पंडित चेतन उपाध्याय के द्वारा आगामी 19 जनवरी को संगीतमय सात दिवसीय श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा। हर साल शहर के प्राचीन इंदौर नाका स्थित श्री सिद्ध बटेश्वर महादेव मंदिर में कथा का आयोजन किया जा रहा है। मंदिर समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कथा में शामिल होने की अपील की है। कथा वाचक पंडित चेतन उपाध्याय ने बताया कि सात दिवसीय भागवत कथा में पहले दिन भागवत का महत्व के अलावा भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव, रुकमणी विवाह और सुदामा चरित्र आदि का वर्णन विस्तार किया जाएगा।

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