- केंद्र सरकार की मनरेगा विरोधी नीति के खिलाफ कांग्रेस का पूरे प्रदेश में 10 जनवरी से 25 फरवरी तक जन आंदोलन : राजेश राम
उन्होंने आगे कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मनरेगा विरोधी नीति के खिलाफ पूरे प्रदेश में जन-जन को जागरूक करेगी और सड़क से सदन तक संघर्ष करेगी. “मनरेगा बचाओ संग्राम” के माध्यम से कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव, पंचायत-पंचायत जाकर केंद्र सरकार की नीतियों की सच्चाई जनता के सामने रखेंगे. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि मनरेगा देश के करोड़ों ग्रामीण परिवारों के लिए केवल एक योजना नहीं, बल्कि काम के अधिकार और सम्मानजनक आजीविका की गारंटी है.केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तावित VB-GRAM-G विधेयक मनरेगा की आत्मा को कमजोर करने वाला, संघीय ढांचे पर प्रहार करने वाला और गरीब-मजदूर विरोधी कदम है। इसके दुष्परिणाम ग्रामीण रोजगार, मजदूरी भुगतान, सामाजिक सुरक्षा और पंचायती राज व्यवस्था पर पड़ेंगे. इसी के विरोध में कांग्रेस पार्टी पूरे प्रदेश में “मनरेगा बचाओ संग्राम” का व्यापक, शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक अभियान 10 जनवरी 2026 से 25 फरवरी 2026 तक चलेगी. इस संघर्ष का उद्देश्य केंद्र सरकार को उसकी जिम्मेदारी याद दिलाना, राज्यों पर डाले जा रहे आर्थिक बोझ को उजागर करना और मनरेगा को उसके मूल स्वरूप में बहाल करना है.
10 जनवरी को जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस के साथ अभियान का औपचारिक शुभारंभ होगा. 11 जनवरी को एक दिवसीय उपवास और प्रतीकात्मक विरोध के माध्यम से अहिंसा और संवैधानिक मूल्यों के प्रति हमारी प्रतिबद्धता व्यक्त की जाएगी.इसके बाद 12 से 29 जनवरी तक पंचायत स्तर पर चौपालें, जनसंपर्क, नुक्कड़ सभाएं और पर्चा वितरण के जरिए जनता को जागरूक किया जाएगा.30 जनवरी को वार्ड व ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरने होंगे.31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला कलेक्टर/डीएम कार्यालयों पर धरना देकर विधेयक वापसी और मनरेगा बहाली की मांग का ज्ञापन सौंपा जाएगा. 7 से 15 फरवरी के बीच राज्य स्तर पर विधानसभाओं का घेराव कर केंद्र की नीतियों का विरोध दर्ज कराया जाएगा.अंत में 16 से 25 फरवरी के दौरान एआईसीसी द्वारा आयोजित क्षेत्रीय रैलियों के साथ अभियान का समापन होगा. कांग्रेस पार्टी स्पष्ट करती है कि यह संघर्ष संविधान, लोकतंत्र और गरीबों के अधिकारों की रक्षा के लिए है। हम मनरेगा श्रमिकों, पंचायत प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों से अपील करते हैं कि वे इस जन आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लें और मनरेगा को कमजोर करने की किसी भी साजिश को सफल न होने दें.राजेश राम ने सभी जिला अध्यक्षों एवं वरिष्ठ कांग्रेस जनों से अपील की कि वे पूरी एकजुटता और प्रतिबद्धता के साथ इस आंदोलन को सफल बनाएं और गरीब, मजदूर एवं वंचित वर्ग की आवाज़ बनें.
बैठक में विधान परिषद में कांग्रेस दल के नेता डा0 मदन मोहन झा, अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सचिव सह बिहार प्रभारी शाहनवाज आलम, डा0 शकील अहमद खां, पूर्व मंत्री कृपानाथ पाठक, अवधेश कुमार सिंह, पूर्व विधान पार्षद प्रेमचंद्र मिश्रा, विधान पार्षद डा0 समीर कुमार सिंह, विधायक आबिदुर रहमान, मनोहर प्रसाद सिंह मनोज विश्वास, मो0 कमरूल होदा, पूर्व विधायक प्रतिमा कुमारी दास, राजेश राठौड़, ब्रजेश प्रसाद मुनन, अजय कुमार सिंह, विश्वनाथ राम, प्रवीण सिंह कुशवाहा, शशि कुमार सिंह, रौशन कुमार सिंह, ब्रजेश पाण्डेय, ऋषि मिश्रा, कुमार आशीष, डा0 संजय यादव, सौरभ सिन्हा ,चन्द्र प्रकाश सिंह, सरवत जहां फातिमा, चन्द्र भूषण राजपूत ,नीतू सिंह निषाद, विनीता भगत, साधना रजक, मनोज शर्मा, मृणाल अनामय, वैद्यनाथ शर्मा, अनुराग चंदन, नलिनी रंजन झा, शशि भूषण पंडित, शशांक शेखर, मिन्नत रहमानी, अरविन्द लाल रजक, उमेश कुमार राम,संजय कुमार पाण्डेय, कमलदेव नारायण शुक्ला, शशिकांत तिवारी, सुधीर शर्मा सहित पार्टी के जिला अध्यक्षों, पूर्व विधायक, वरिष्ठ कांग्रेसजन , जिला पर्यवेक्षकों , विभाग एवं प्रकोष्ठों के अध्यक्षगण मौजूद थे.

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