इसी क्रम में वॉल पेंटिंग प्रतियोगिता का भी शुभारंभ किया गया, जिसके माध्यम से विद्यार्थियों ने भूकंप सुरक्षा एवं जन-जागरूकता से जुड़े संदेशों को रचनात्मक रूप में प्रस्तुत किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. चंदन कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि भूकंप-सुरक्षित परिसर निर्माण समय की आवश्यकता है। उन्होंने तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व के विकास पर विशेष बल दिया, ताकि विद्यार्थी आपदा की स्थिति में समाज का मार्गदर्शन कर सकें। कार्यक्रम में डॉ. शशि भूषण, श्री एस. एस. चौधरी, एनएसएस समन्वयक श्री जावेद अख्तर एवं सहायक प्राध्यापक श्री ईशांत कुमार उपस्थित रहे। सभी ने विद्यार्थियों को पहले स्वयं को सुरक्षित रखने तथा उसके बाद दूसरों की सहायता करने के महत्व पर प्रकाश डाला। दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग द्वारा आयोजित यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में आपदा प्रबंधन के प्रति जागरूकता, तकनीकी समझ और सामाजिक संवेदनशीलता विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दरभंगा (रजनीश के झा)। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SDMA) एवं विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग (DSTTE), बिहार के सहयोग से दरभंगा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, दरभंगा में आयोजित भूकंप जागरूकता कार्यक्रम की निरंतरता में आज विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत भूकंप सुरक्षा उपायों एवं आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली सावधानियों पर आधारित एक तकनीकी सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को भूकंप से होने वाले जोखिमों तथा उनसे बचाव के व्यावहारिक एवं तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी गई। इसके पश्चात भूकंप जागरूकता क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 86 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में दीपक कुमार ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि रेमंत कुमार, सत्यम एवं धीरज उपविजेता रहे। विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने हेतु प्रथम पुरस्कार के रूप में कॉलेज बैग तथा उपविजेताओं को ईयरपॉड्स प्रदान किए गए।

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